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💢गोल्ड कूपन💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:दिनेश शर्माUpdated Fri, 10 Oct 2025 08:22 AM IST
️रजिस्टर ईज़ी,प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता- फोटो : अमर उजाला
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
वॉच कैश, राजस्थान की सतरंगी संस्कृति का अनोखा संगम इन दिनों बीकानेर में देखने को मिल रहा है। आज से इंटरनेशनल कैमल फेस्टिवल 2026 की भव्य शुरुआत हो गई है, जो 9 से 11 जनवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। इस महोत्सव में ‘रेगिस्तान के जहाज’ कहे जाने वाले ऊंटों की शान के साथ-साथ राजस्थानी परंपराओं, लोक संस्कृति और रंग-बिरंगे आयोजनों की झलक देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित इस फेस्टिवल में सजे-धजे ऊंट, रौबीली मूंछों-दाढ़ियों वाले युवक और पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं विदेशी पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही हैं।
बेमेतरा जिले के नवागढ़ में 26 से 28 दिसंबर तक राज्य स्तरीय गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव का आयोजन होगा। इस महोत्सव में सीएम विष्णुदेव साय भी शामिल होंगे। इस भव्य आयोजन की तैयारी को लेकर आज शुक्रवार को स्थानीय नवागढ़ विधायक व खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने महोत्सव को भव्य, सुव्यवस्थित व गरिमामय ढंग से संपन्न कराने संबंधित विभाग को दिशा-निर्देश दिए। मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव राज्य स्तर का अत्यंत महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें जिले समेत प्रदेशभर से पंथी नृत्य दल, सामाजिक बंधु व बड़ी संख्या में सतनाम पंथ के अनुयायी शामिल होंगे।
सारमां पूर्णागिरि के दर्शन को जाते समय काली मंदिर क्षेत्र में एक श्रद्धालु की हालत बिगड़ गई। उन्हें उप जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां श्रद्धालु को मृत घोषित कर दिया गया।
ईज़ी कैश, सारBhilwara News: भीलवाड़ा जिले में 9 माह के बच्चे की मौत अंधविश्वास का शिकार बनकर हुई। मामूली बीमारी पर इलाज की बजाय भोपा के पास ले जाने पर उसने गर्म सरिए से दाग दिया गया। संक्रमण फैलने से बच्चे की हालत बिगड़ी और तीन दिन बाद उसने दम तोड़ दिया।
लाइक विस्तारFollow Usजोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल पर कथित हेट स्पीच का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी और पुलिस जांच की निगरानी समेत अन्य मांगें करते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि चल रही आपराधिक जांच में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी का निर्देश दिया जा सकता है। इसके अलावा जांच के तरीके या वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी जैसे निर्देश देना आपराधिक जांच के माइक्रो मैनेजमेंट जैसा होगा, जो कोर्ट के दायरे में नहीं आता।
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