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💢गोल्ड डाउनलोड💢सऊदी अरब में काम करने गए बालोतरा जिले के युवक रमेश मेघवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद शव को भारत लाने के लिए इंतजार कर रहे मृतक के परिवारजनों का इंतजार एक महीने बाद खत्म हुआ है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने बताया कि संसदीय क्षेत्र के बालोतरा जिले के सोहड़ा (गिड़ा) निवासी युवक स्व.रमेश कुमार मेघवाल 11 अक्तूबर 2025 को अपने दो साथियों हीराराम मेघवाल (सवाऊ मूलराज) एवं रोशन अली (जाजवा, गिड़ा) के साथ रोजगार हेतु अरब के दोहा (क़तर) गया था। दुर्भाग्यवश 17 नवंबर 2025 को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मृत्यु के पश्चात वहां की जटिल कानूनी प्रक्रिया, स्थानीय पुलिस कार्रवाई एवं मेडिकल पोस्टमार्टम की लंबी औपचारिकताओं के कारण पार्थिव शरीर को भारत लाने में अत्यधिक विलंब हुआ।
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कैश कमाई, अमरोहा। न्यायिक कर्मचारी राशिद हुसैन की मौत सीने पर बेरहमी से लात-घूंसे बरसाने पर दिल बैठ जाने से हुई थी। पोस्टमार्टम में सीने पर मिले निशान और अंदरूनी चोटों से हमलावरों के वहशीपन का खुलासा हुआ है। हार्ट अटैक को सांसें थमने का कारण बताया गया है। उधर पुलिस सात में से एक आरोपी को गिरफ्तार कर सकी है, जिसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
-खजांची बाजार स्थित श्री रघुनाथ मंदिर में रामचरित मानस के सुंदरकांड का पाठ अपराह्न तीन बजे से।
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मोबाइल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
सारBanswara:पूर्व मंत्री और वागड़ के दिग्गज नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीया एक बार फिर पार्टी बदलने की तैयारी में हैं। सूत्रों के मुताबिक, मकर संक्रांति के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी में यह घर वापसी संभव है। मालवीया एक बार सांसद, चार बार विधायक और राजस्थान में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
मेगा रजिस्टर, विस्तारFollow Usविश्वविख्यात सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। इस मामले में नया मोड़ तब आया है, जब महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजवर्धन सिंह परमार ने अजमेर जिला न्यायालय में याचिका दायर करने की घोषणा की है।







