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💢कूपन💢मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:45 AM IST
️वीआईपी वॉच,अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराजPublished by:विनोद सिंहUpdated Tue, 13 Jan 2026 06:36 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ाPublished by:बांसवाड़ा ब्यूरोUpdated Sat, 20 Dec 2025 06:39 PM IST
प्रीमियम अर्न, संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ाUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:50 PM IST
आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।
मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:57 AM IST
विस्तारFollow Usइलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के कथित दुरुपयोग और पुलिस शक्तियों के मनमाने इस्तेमाल पर नाराजगी जताई है। इस संबंध में मांगी गई जानकारी हलफनामे में न देने पर कोर्ट ने राज्य के अपर मुख्य सचिव (गृह) को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने दिया है।
विज़िट वॉच, जायरीनों को संदल बांटते दरगाह के खादिम- फोटो : अमर उजाला
सिल्वर कलेक्ट अयाना। ग्राम पंचायत ऐमा सेंगनपुर के किसानों ने अन्ना गोवंशों से अपनी गेहूं की फसल बचाने के लिए अनोखा कदम उठाया। कई शिकायतों के बाद भी सुनवाई न होने से परेशान किसानों ने चंदा जमाकर अन्ना गोवंशों को पकड़कर गोशाला भेजने की व्यवस्था की। किसानों ने पहले गोवंश एक खाली प्लॉट में एकत्र किए फिर वाहनों से उन्हें गोशाला भिजवा दिया।
औरैया। डॉक्टर उपलब्ध कराने के नाम पर क्लीनिक और अल्ट्रासाउंड सेंटरों को ठगने का आरोपी व 25 हजार रुपये का इनामी बदमाश सोमवार को दिबियापुर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
वॉच, बांदा। इंदौर में दूषित पानी के सेवन से मौतों के बाद भी जिम्मेदार चेत नहीं रहे हैं। शहर में 56 हजार परिवारों को शुद्ध पीने का पानी मुहैया कराने के दावे जमीनी सच्चाई के सामने तालमेल नहीं खा रहे। केन नदी व नलकूपों से पानी स्टोर करने के लिए बनी पानी की टंकियां सालों से साफ नहीं हुई। हालांकि किसी टंकी में मई तो किसी में अप्रैल महीने में सफाई का उल्लेख किया गया है।







