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💢मोबाइल साइन अप💢कोलियागढ़ी बीट में वन विभाग द्वारा पकड़े गए कछुए के शिकारी। - स्रोत : विभाग
️अतिरिक्त सर्वे,वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:36 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खैरथलPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Sat, 03 Jan 2026 08:52 PM IST
वीआईपी क्लिक, विस्तारFollow Usप्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी श्रावण माह के आखिरी सोमवार चार अगस्त को बाबा बैजनाथ महादेव की शाही सवारी नगर में धूमधाम से निकाली जाएगी। इस सवारी में बडी संख्या में श्रद्धालुजन सम्मिलित होंगे। शाही सवारी के इंतजाम और आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर पहुंच मार्गों की व्यवस्था में कुछ बदलाव किया गया है। यह व्यवस्था सोमवार की देर रात तक इसी तरह से जारी रहेगी।
IranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest Bengalयूपी
लखनऊ-सुल्तानपुर रेल ट्रैक पर वारिसगंज मार्ग पर बड़ेगांव स्थित इंजीनियरिंग रेलवे क्रॉसिंग संख्या 125 पर सुरक्षा और संरक्षा नियमों की घोर अनदेखी का मामला सामने आया है। नशे में धुत गेटमैन वीरेंद्र ने रात नौ बजे अकारण रेलवे फाटक बंद कर दिया जिससे क्रॉसिंग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। राहगीर जब गेटमैन से बात करने पहुंचे, तब उसके नशे में होने का पता चला। शिकायत पर गेटमैन को निलंबित कर दिया गया। करीब एक घंटे बाद दूसरे गेटमैन के आने पर फाटक खोला गया।
डायमंड सब्सक्राइब, सारबालोद के डौंडीलोहारा लोहार मंडई उत्सव में शनिवार शाम अज्ञात हमलावरों ने दल्ली राजहरा से आए युवकों पर चाकू से हमला कर दिया। वार्ड 16 के पार्षद पावेंद्र कोड़प्पा सहित दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
रिसीव ईज़ी
विस्तारFollow Us73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
शेयर, बस्ती। शहर में कैसरगंज और बाराबंकी से आकर सड़क की पटरी जूस कार्नर की दुकान चलाने वालों के खिलाफ नगर पालिका की टीम ने सोमवार को अभियान चलाया। इस दौरान कचहरी चौराहे पर पटरी पर लगाई गई जूस कार्नर की दुकान को टीम ने हटवा दिया। मालवीय रोड के किनारे से दुकानदार ने स्वयं दुकान हटा ली। जबकि शास्त्री चौक के निकट स्थित दुकानदार ने नगर पालिका टीम ने लिखित रूप से दुकान हटाने के लिए एक दिन की मोहलत मांगी है। ईओ ने कहा कि सड़क की पटरी पर स्थाई रूप टंकी रखकर जूस या अन्य किसी तरह की दुकान नहीं खोली जा सकती है। संवाद







