विशेष डाउनलोड
ऑनलाइन
डाउनलोड विन, Inc
ऐप
💢सुपर शेयर💢विस्तारFollow Usराष्ट्रीय राजमार्ग 43 के किनारे ग्राम पोड़ी के पास शनिवार-रविवार की दरमियानी रात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। यहां मोहम्मद सादिक मंसूरी उर्फ जानू कबाड़ी के सांई धर्मकांटा के पास पांच ट्रकों में अवैध रूप से लोहे का कबाड़ लोड किया जा रहा था। कोतवाली पुलिस ने छापेमार कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया और ट्रकों में भरा माल जब्त कर लिया। जब्त किए गए लोहे के कबाड़ की कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी गई है।
️फ्रेंड्स,MaharashtraDonald Trumpविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Pollsयूपी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Tue, 28 Oct 2025 02:16 PM IST
छोटा ऑनलाइन, T20 WCसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालWest Bengalविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?यूपीप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालदिल्ली में फिर टूटा ठंड का रिकॉर्डअंबरनाथ नगर परिषदBihar News
सारमध्य प्रदेश के अनूपपुर में न्यायिक मजिस्ट्रेट अमनदीप सिंह चावड़ा के घर पर कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। इसी के साथ न्यायिक मजिस्ट्रेट को जान से मारने की भी धमकी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर अरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
संवाद न्यूज एजेंसीPublished by:गायत्री जोशीUpdated Thu, 08 Jan 2026 09:21 AM IST
😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सर्वे गेट,
ऐप विज़िट संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्याUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:54 PM IST
जिला पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार बिश्नोई के निर्देशन में कोटपूतली–बहरोड़ पुलिस की जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बानसूर थाना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे इनामी अपराधी दिलीप गुर्जर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पुलिस विभाग की ओर से 5,000 रुपये का इनाम घोषित था।
रिवॉर्ड्स, सारपीसीसी सचिव ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा में किए गए हालिया बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर खतरा बताया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खनन की अनुमति दी है। ऐसे में 100 मीटर से नीचे के भूभाग को अब अरावली पहाड़ी नहीं माना जाएगा।







