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️सिल्वर पैसे,इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।
धरवाला (चंबा)। भरमौर विधानसभा क्षेत्र की 24 पंचायतों के लोगों को जल्द ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चूड़ी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलेगी। इसके लिए एनएचपीसी चमेरा चरण-तीन ने सीएसआर के तहत 32 लाख के बजट का प्रावधान किया है। इस बजट से यहां नई अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई जाएगी।
विन, सारकलमेश्वरा गांव में तीन साल के मासूम कबीर यादव की मौत ने सभी को झकझोर दिया। पिता कैलाश यादव ने बेटे का इलाज कराने के लिए जमीन तक गिरवी रख दी, चार अस्पतालों के चक्कर लगाए और लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन बच्चे की जान नहीं बच सकी।
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के ग्रामीण अंचल से एक सनसनीखेज वारदात का मामला सामने आया। यहां के ग्राम नावरा में नेपानगर के रहने वाले युवक रईस ने देर रात में हुए विवाद के बाद एक युवती भाग्यश्री की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी गई। मामले की जानकारी लगते ही पुलिस तुरन्त मौके पर पहुंची। मामला दर्ज कर आरोपी युवक को नेपानगर से गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी रईस और युवती का लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसकी जानकारी दोनों के परिजन सहित आसपास के लोगों को भी थी। इसी के साथ ही दोनों के बीच अक्सर छोटी छोटी बातों को लेकर भी विवाद होते रहता था। शुक्रवार देर रात भी किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी रईस ने खौफनाक वारदात को अंजाम देते हुए युवती की गला रेतकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।
सर्वे ट्रांसफर, अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:राहुल तिवारीUpdated Fri, 02 Jan 2026 06:45 PM IST
छोटा क्लिक
विस्तारFollow Usआज मंगलवार को प्रदेश के प्रसिद्ध प्रवासी पक्षी आश्रय स्थल गिधवा-परसदा क्षेत्र में वन मंत्री केदार कश्यप ने बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण व बर्ड सफारी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में हजारों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधि और पर्यावरण प्रेमियों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक क्षण को विशेष बना दिया। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि गिधवा-परसदा पक्षियों के संवर्धन, संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में देश में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। यह क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएगा। इस क्षेत्र में 270 से अधिक प्रजातियों के विदेशी व स्वदेशी पक्षी नियमित रूप से प्रवास करते हैं और स्थानीय जैव विविधता को समृद्ध बनाते हैं।
प्रीमियम स्टूडेंट, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Fri, 21 Nov 2025 09:10 PM IST







