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फ्री, सारपं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय के 90दिन के शोध में पाया गया कि आयुर्वेदिक काढ़े से 73% किडनी स्टोन मरीजों को बिना ऑपरेशन राहत मिली। अध्ययन में 10 मिमी से कम पथरी वाले मरीजों को विशेष काढ़ा दिया गया, जिससे पथरी का आकार कम हुआ या बाहर निकल गई। शोध आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित है और यह सुरक्षित व प्रभावी विकल्प साबित हुआ।
विस्तारFollow Usभिंड जिले के लहार थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। नानपुरा गांव के पास टूटी हुई पुलिया से गुजरते समय ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर नहर में गिर गया। इस हादसे में ट्रैक्टर के नीचे दबने से 3 किसानों की मौके पर ही मौत हो गई। ये तीनों यूपी से अपनी धान की फसल बेचकर लौट रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शवों को बाहर निकलवाया और हॉस्पिटल भिजवाया।
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विन रिसीव, अमर उजाला ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:35 AM IST
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नया सर्वे, विस्तारFollow Usभोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।







