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💢प्रीमियम साइन अप💢सारबदायूं के उझानी क्षेत्र में मेहंदी का रंग छूटने से पहले ही निकाह की रंगत उड़ गई। प्रेम प्रसंग के बाद निकाह करने वाले नवदंपती ने आपसी रजामंदी से रिश्ता तोड़ लिया और अलग-अलग हो गए। हालांकि दोनों ने रिश्ता तोड़ने की वजह किसी को नहीं बताई। यह मामला गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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सारखालिस्तानी समर्थक व खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद अमृतपाल सिंह एनएसए के तहत अप्रैल 2023 से असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। अमृतपाल सिंह ने एनएसए के तहत जारी तीसरे निरोधक हिरासत आदेश को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
रजिस्टर मोबाइल, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Thu, 06 Nov 2025 03:10 PM IST
अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच एजेंसी सीधे कार्रवाई नहीं कर सकेगी। पहले उच्च अधिकारी से स्वीकृति जरूरी होगी। मगर रंगे हाथ पैसे लेने वाले वाले मामलों में पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। हरियाणा सरकार ने अधिकारियों व कर्मचारियों से संबंधित भ्रष्टाचार के मामलों में जांच के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि यह फैसला उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां अधिकारी व कर्मचारी रंगे हाथ पकड़े जाएंगे।
पीडीडीयू नगर। चंदौली में ठंड से जूझ रहे लोगों को लगातार दूसरे दिन शनिवार को मौसम ने बड़ी राहत दी। दिनभर खिली धूप के चलते जनजीवन सामान्य नजर आया। अधिकतम 4 डिग्री और न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस बढ़ा। सुबह आठ से लेकर शाम पांच बजे तक धूप रहने से जहां सर्द हवाओं का असर कम हुआ, वहीं लोगों को गलन भरी ठंड से राहत मिली। वहीं लोगों ने खुले में धूप सेंक कर आनंद लिया।
विस्तारFollow Usजोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल पर कथित हेट स्पीच का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी और पुलिस जांच की निगरानी समेत अन्य मांगें करते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि चल रही आपराधिक जांच में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी का निर्देश दिया जा सकता है। इसके अलावा जांच के तरीके या वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी जैसे निर्देश देना आपराधिक जांच के माइक्रो मैनेजमेंट जैसा होगा, जो कोर्ट के दायरे में नहीं आता।
डिपॉजिट कैश, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटनाPublished by:आदित्य आनंदUpdated Wed, 31 Dec 2025 11:21 AM IST
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