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💢साप्ताहिक साइन अप💢सारपरिवारों ने बताया कि उनके बच्चों निहाल धुर्वे (2 वर्ष) और कबीर यादव (3 वर्ष 11 माह) का इलाज परासिया के एक निजी चिकित्सक डॉ. प्रवीण सोनी से कराया गया था। सिरप के सेवन के बाद बच्चों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, लेकिन दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी।
️सुपर कमाई,विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश के बैतूल जिले में स्थित मां ताप्ती का उद्गम स्थल मुलताई धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। अब इसी ऐतिहासिक पहचान को और अधिक प्रामाणिक रूप देने के उद्देश्य से मुलताई का नाम बदलकर ‘मूलतापी’ किए जाने की घोषणा की गई है। यह नाम परिवर्तन मां ताप्ती की प्राचीन विरासत और क्षेत्र की ऐतिहासिक जड़ों से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
सारआज बुधवार को साइबर सेल व सिटी कोतवाली बेमेतरा पुलिस ने नौकरी लगाने के नाम ठगी करने वाले दो आरोपी को गिरफ्तार किया है।
इनाम विन, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Mon, 22 Dec 2025 05:26 PM IST
सारबीजापुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मार्गदर्शन और निर्देश पर पर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला मुख्यालय बीजापुर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम ‘मनरेगा’ को पुनः लागू करने की मांग को लेकर एक दिवसीय उपवास कर विरोध प्रदर्शन किया।
चंडीगढ़। क्राइम ब्रांच ने वाहन चोरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और 17 चोरी के वाहन बरामद किए। इनमें एक्टिवा स्कूटर और मोटरसाइकिल शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मलोटकोटला निवासी रनबीर सिंह (20), खुड्डा लाहोरा के मंजीत उर्फ सूजल (21), मोहाली के मुल्लांपुर निवासी विजय कुमार (34) और एक नाबालिग शामिल हैं।
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पॉइंट्स विस्तारFollow Usडीग जिले के कामां थाना क्षेत्र में मां-बेटे के रिश्ते को शर्मसार कर दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। राधा नगरी गांव में एक नाबालिग बेटे ने पैसे लौटाने को लेकर हुए विवाद में अपनी ही मां की लोहे की रॉड से हमला कर निर्मम हत्या कर दी। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
प्रीमियम फ्रेंड्स, दरभंगा महाराज की तीसरी और अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी का अंतिम संस्कार श्यामा माई मंदिर परिसर में किया गया। उन्हें महाराज कामेश्वर सिंह की चिता के बगल में विधि-विधान से अंतिम विदाई दी गई। मुखाग्नि महाराज के पोते रत्नेश्वर सिंह ने दी।







