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💢अर्न पैसे💢भाटापारा बलौदाबाजार के ग्राम भोथीडीह (थाना मस्तूरी) से पिकनिक मनाने जा रहा एक परिवार रविवार को एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गया। परिवार के 30 सदस्य पिकअप वाहन में सवार होकर तुरतुरिया (कसडोल) जा रहे थे। रास्ते में डोंगरीडीह (थाना लवन क्षेत्र) के पास पिकअप का पिछला चक्का बेरिंग सहित टूट गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया।
️अतिरिक्त लॉग इन,विस्तारFollow Usअलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षक राव दानिश हत्याकांड में शामिल हिस्ट्रीशीटर शूटर भाइयों जुबैर, यासिर व फहद की तलाश में जिला पुलिस के साथ-साथ अब एसटीएफ भी लग गई है। कुछ ऐसे पुराने पुलिसकर्मियों से भी इनपुट जुटाया जा रहा है, जो पूर्व में अलीगढ़ में रहे हैं।
खुदरा महंगाई दर में उछाल'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'India-US Tiesपीएम मोदी कार डिप्लोमेसीविवेकानंद यूथ अवॉर्डWest Bengal Politicsबैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलावदालमंडी में बुलडोजर एक्शनModi-Merz Meet LIVEIND vs NZ
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जिले के मुंगावली, बहादुरपुर और आसपास के क्षेत्रों के 36 बंधक मजदूरों को महाराष्ट्र से मुक्त करा लिया गया है। स्थानीय पुलिस महाराष्ट्र पहुंचकर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इन सभी मजदूरों को वापस लेकर आई। ये मजदूर महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के बासी थाना क्षेत्र के गिरोली गांव में बंधक बनाए गए थे। वहां उन्हें न तो मजदूरी का भुगतान किया जा रहा था और न ही उन्हें अपने घर लौटने दिया जा रहा था। उन्हें अपने परिजनों से भी बात करने की अनुमति नहीं थी।
बोनस डिस्काउंट, विस्तारFollow Usअजमेर जिले के पुष्कर क्षेत्र के किशनपुरा मोड़ पर गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। गोविंदगढ़ से पुष्कर आ रही एक निजी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 20 से अधिक यात्री घायल हो गए, जिनमें मजदूर और स्थानीय ग्रामीण शामिल हैं। दुर्घटना सुबह करीब 8:30 बजे पेट्रोल पंप के पास हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:07 AM IST
रिसीव ईज़ी, विस्तारFollow Usबारां के केलवाड़ा कस्बे की निकटवर्ती ग्राम पंचायत दांता में विधायक कोष से बने हाट बाजार में धांधली और प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार द्वारा बनाए गए चबूतरों को पूरी तरह नकार दिया है। 10 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत होने के बावजूद भी मौके पर कोई नया ठोस निर्माण नहीं हुआ। महज पूर्व में बने चबूतरों की मरम्मत कर खानापूर्ति कर दी गई।







