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💢ईज़ी💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डीगPublished by:प्रिया वर्माUpdated Tue, 02 Dec 2025 05:39 PM IST
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विस्तारFollow Usबैतूल जिले के गंज थाना क्षेत्र से एक दिलदहला देने वाली घटना सामने आई है। 17 वर्षीय नाबालिग पर किए गए गंभीर हमले के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हमले में रॉड, फावड़ा, पत्थर और लाठियों का इस्तेमाल किया गया था। मृतक ने अस्पताल में दम तोड़ने से पहले पुलिस को बयान दिया था।
अतिरिक्त ऑफर, सारसोमवार को प्रदेश के 22 जिलों बारिश का दौर जारी रहा। इंदौर में एक इंच से ज्यादा पानी गिरा। जबकि, उज्जैन में करीब एक इंच और दमोह में आधा इंच पानी गिरा। प्रदेश में अगले 3 दिन तक तेज बारिश का अनुमान है।
बुरहानपुर जिले के खकनार थाना पुलिस ने चोरी के पुराने मामलों की जांच में बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक सक्रिय चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर गैंग के सरगना गोरेलाल सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने करीब 75 हजार रुपये मूल्य का माल बरामद किया है, जिसमें चोरी की एक मोटरसाइकिल और 35 हजार रुपये नगद शामिल हैं।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
विस्तारFollow Usबिहार के शेखपुरा जिले में नल-जल योजना के तहत पंप ऑपरेटरों की बकाया मजदूरी रोकने वाले ठेकेदार के खिलाफ श्रम विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मजदूरी भुगतान में अनियमितता ठेकेदार को भारी पड़ गई। श्रम विभाग ने बकाया राशि के बदले दस गुना जुर्माना लगाते हुए भुगतान का आदेश दिया है। साथ ही, जिले के पीएचईडी विभाग से सभी ठेकेदारों और पंप ऑपरेटरों की सूची भी मांगी गई है।
पॉइंट्स फ्रेंड्स, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटनाPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:36 PM IST
डाउनलोड सारबीजापुर में 38वीं सबजूनियर नेशनल सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ ने शानदार प्रदर्शन किया। बालिका टीम ने पहली बार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा, जबकि बालक टीम ने कांस्य पदक हासिल किया।
वॉच गेट, विस्तारFollow Usसुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल दी है। बड़े-बड़े दावों के बावजूद, सुदूर आदिवासी इलाकों में जमीनी हकीकत चिंताजनक बनी हुई है। 21वीं सदी में भी, कागजों पर हाईटेक व्यवस्था के बावजूद, कई जगहों पर स्वास्थ्य सेवाएं आज भी खाट और कंधों के सहारे ही संचालित हो रही हैं।







