नया ईज़ी
सर्वे साइन अप
स्टूडेंट ईज़ी, Inc
कम्पलीट क्लिक
💢साप्ताहिक पॉइंट्स💢सारऑफिस में काम करने की बजाए नाच-गाना और अशोभनीय हरकतें करने वाले दो अफसरों को रोडवेज ने तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया है।
️रिवॉर्ड्स कम्पलीट,सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCWest Bengalबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरयूपीBihar Newsप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछाल
चंडीगढ़। जजपा ने शनिवार को 32 नए पदाधिकारी नियुक्त किए हैं। इनमें प्रदेश कार्यकारिणी में विद्यासागर, दलजीत सिंह, दिनेश शर्मा, प्रदीप गोयल और जेपी दूहन को सदस्य बनाया गया है।
वीआईपी टास्क, बुलंदशहर। जनपद के सभी 27 थानों में शनिवार को थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जमीन विवाद, आपसी रंजिश और घरेलू कलह से जुड़ी शिकायतें अधिक पहुंचीं।
😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
Bhilwara:भीलवाड़ा पुलिस ने जाल बिछाकर शहर में स्पा सेंटर के नाम पर चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने पहले अपने एक सिपाही को बोगस ग्राहक बनाकर भेजा और फिर सबूत मिलने के बाद छापा मारा।
शादी समारोह में फायरिंग करते युवक।- फोटो : अमर उजाला
पैसे, बुरहानपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में एक साढ़े चार साल की नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। इस जघन्य अपराध को 47 वर्षीय रतन सिंह ने अंजाम दिया, जिसे पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और ग्रामीणों ने आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की है।
डिपॉजिट सर्वे संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरीUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:09 AM IST
विस्तारFollow Usहरियाणा में अवैध खनन को रोकने के लिए सख्ती होगी। प्रदेश में अवैध खनन को रोकने के लिए दूसरे राज्यों के पास बॉर्डर पर नाके लगेंगे। खनन विभाग में पर्याप्त कर्मी नहीं हैं। इस कारण से पुलिस विभाग से डेपुटेशन पर 39 पुलिस कर्मी मांगे गए हैं, जिससे अवैध खनन की निगरानी और बेहतर हो सके।
पॉइंट्स, सारबिलासपुर स्थित गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में तब हंगामा मच गया जब कुलपति ने एक साहित्यकार को मंच से जाने के लिए कह दिया। कुलपति के इस व्यवहार से नाराज होकर हिंदी के कई साहित्यकारों ने विरोध जताया और कार्यक्रम को बीच में ही छोड़ दिया।







