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💢रिसीव💢जिले के देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत अमाही ताल गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पति ने अपनी 26 वर्षीय गर्भवती पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। मृतका की पहचान रामकुंवर बाई उर्फ रानी के रूप में हुई है। आरोपी पति नन्नू आदिवासी वारदात के बाद फरार बताया जा रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाकर मामले की जांच शुरू कर दी।
️क्लिक,विस्तारFollow Us73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
बोनस ऑनलाइन, विस्तारFollow Usइलाहाबाद हाईकोर्ट ने निजी व्यक्ति की शिकायत पर विद्यालय के कर्मचारी के खिलाफ जांच करने के मामले में नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए अगली तिथि पर एडीजी (एसटीएफ) को व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने का आदेश दिया है। साथ ही संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य व प्रबंधक को भी सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने जय चंद्र मौर्य की याचिका पर दिया है।
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वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 10:52 PM IST
डिपॉजिट गेट, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
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