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️साप्ताहिक वीडियो,सारभिंड जिले में साइबर ठगों ने रिटायर्ड शिक्षक प्रेम सिंह कुशवाह को डिजिटल अरेस्ट कर मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाया। फर्जी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर धमकाया और अलग-अलग खातों में 29.50 लाख रुपये ट्रांसफर कराए। बाद में ठगी का खुलासा होने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में संलिप्तता के आरोप में दूसरी बार जेल भेजी गईं सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की एकलपीठ में हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क रखे। बहस के बाद राज्य शासन की ओर से जवाब पेश करने के लिए समय मांगा गया, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने शासन को बुधवार तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को की जाएगी।
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विस्तारFollow Usपुलिस थाना शाहपुरा ने 78 लाख रुपये की सरकारी राशि के गबन के मामले में एक दशक से फरार चल रहे तत्कालीन ग्राम सेवक एवं सरपंच को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी सुरेशचंद के निर्देशन में गठित विशेष टीम द्वारा की गई। आरोपी दस वर्ष से फरार थे तथा एक आरोपी पर 5 हजार का इनाम भी घोषित किया गया है। पूर्व सरपंच गणपत खटीक का पारिवारिक सदस्य वर्तमान में ढीकोला में सरपंच हैं तथा वो भाजपा से जुड़े हैं।
विथड्रॉ,
विज़िट विज़िट राजधानी भोपाल के अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे से देशभर के 14 राज्यों में अलग-अलग तरह के वारदात को अंजाम देने के लिए आधा दर्जन गैंगों को संचालित करने वाला कुख्यात बदमाश राजू ईरानी उर्फ रहमान को भोपाल लाने के लिए पुलिस टीम सूरत में मौजूद है। रविवार देर रात तक उसे ट्रांजिट वारंट पर पुलिस भोपाल लाने की तैयारी में है। हालांकि रविवार को उसे सूरत की विशेष अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा, इसके बाद ही आगे का निर्णय हो सकेगा।
बड़ा टास्क, चंपावत। नगर के बालेश्वर मंदिर समूह में खंडित मूर्तियों संग्रहालय में रखने की तैयारी की जा रही है। संग्रहालय निर्माण के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग ने प्रशासन से जमीन देने की अपील की है। बालेश्वर मंदिर को राष्ट्रीय विरासत स्मारक के रूप में वर्ष 1952 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने संरक्षित किया था। चंद शासकों ने 13वीं सदी में बालेश्वर मंदिर की स्थापना की थी। मंदिर में मौजूद शिलालेख के अनुसार यह मंदिर वर्ष 1272 में बना था।







