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💢अतिरिक्त वॉच💢बुलंदशहर। जिले में दूसरे दिन रविवार को भी धूप निकली। वहीं, शनिवार की रात पाला पड़ने से धूप बेअसर रही और पूरा दिन हवा में कंपकंपी बनी रही। शाम होते ही ठंड में और इजाफा हो गया। मौसम वैज्ञानिक अभी ऐसे मौसम से जल्द राहत नहीं मिलने के आसार जता रहे हैं। अगले तीन दिन तक शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।
️नया रजिस्टर,विस्तारFollow Usबेमेतरा में एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने जिला पंचायत सीईओ प्रेमलता पद्माकर के बेमेतरा स्थित आवास पर दबिश दी है। प्रेमलता पद्माकर वर्ष 2014 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा की अफसर हैं। उनके निवास पर एसीबी की टीम जांच कर रही है। जांच अभी जारी है। मिली जानकारी अनुसार यह छापा आरआई भर्ती पदोन्नति घोटाले के संबंध में मारा गया है। पटवारी से आरआई बनाने के लिए हुए विभागीय पदोन्नति परीक्षा में धांधली की गई थी।
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Wed, 31 Dec 2025 05:55 PM IST
ऑफर, वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:31 PM IST
खजुराहो फिल्म फेस्टिवल के शुभारंभ में पहुंचे अभिनेता अनुपम खेर- फोटो : अमर उजाला
सारजिला अस्पताल परिसर में बने शौचालय के चैम्बर में भ्रूण के मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में पुलिस ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में इस तरह के अमानवीय कृत्य गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं।
टनकपुर (चंपावत)। रेलवे स्टेशन परिसर स्थित जीआरपी की पुरानी चौकी के बैरक में होम गार्ड का जवान संदिग्ध परिस्थिति में फंदे पर लटका मिला। मृतक होमगार्ड बाराकोट का निवासी था। उसकी 13 दिसंबर से ही रेलवे स्टेशन पर तैनाती हुई थी। अब जीआरपी मामले की जांच में जुट गई है।
गोल्ड डिपॉजिट, सारइंदौर की घटना के बाद मध्य प्रदेश के शहरों में पानी और सीवर की बेहतर सेवाएं देने के लिए लगातार काम चल रहा है। प्रदेश में 11 जनवरी तक 1176 पानी के रिसाव ठीक किए गए और 7 हजार से ज्यादा पानी के सैंपल की जांच के लिए लिए गए।
मोबाइल ऑनलाइन अमर उजाला ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:32 AM IST
विस्तारFollow Usउत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।
टास्क इनवाइट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Fri, 28 Nov 2025 07:31 PM IST







