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प्लेटिनम ट्रांसफर, विस्तारFollow Usबुरहानपुर जिले में हुई महिला की जघन्य हत्या के बाद गुरुवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान हिंदू संगठनों ने शहर बंद रखा और हत्यारे को कड़ी सजा देने की मांग की। गुरुवार देर शाम जिले के प्रभारी और प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस और नेपानगर विधायक मंजू दादू सहित प्रशासनिक अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। मंत्री सिलावट ने परिवार को सांत्वना देते हुए प्रदेश सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है, आरोपी को ऐसी सजा दी जाएगी कि भविष्य में कोई भी अपराधी ऐसा अपराध करने की हिम्मत न कर सके। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से मृतका के बच्चों के लिए 10 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत करने की जानकारी भी दी।
जलाई गई थार की आग को बुझाते दमकलकर्मी और हादसे में जली बाइक के पास खड़े स्थानीय- फोटो : अमर उजाला
भरतपुर जिले के कस्बा भुसावर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में एंटी करप्शन ब्यूरो चौकी भरतपुर इकाई ने रिश्वतखोरी के एक मामले का खुलासा किया है। कार्रवाई में बैंक के एग्रीकल्चर मैनेजर भगवत प्रसाद सैनी और उसके रिश्तेदार सोमेन्द्र कुमार सैनी को ₹1 लाख 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के बाद बैंक परिसर और आसपास के क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई।
अल्ट्रा स्टूडेंट, चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 06:48 PM IST
वीआईपी स्टूडेंट बुलंदशहर। जनपद के सभी 27 थानों में शनिवार को थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जमीन विवाद, आपसी रंजिश और घरेलू कलह से जुड़ी शिकायतें अधिक पहुंचीं।
शेयर अर्न, विस्तारFollow Usराजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।







