पैसे टास्क
ऐप डिपॉजिट
इंस्टेंट, Inc
कमेंट ईज़ी
💢दैनिक रिवॉर्ड्स💢अयोध्या। राम मंदिर में शनिवार को नमाज पढ़ने की कोशिश करने वाला कश्मीर का अहद शेख छह जनवरी को ही घर से निकला था। जम्मू, दिल्ली और आगरा होते हुए वह सीधे अयोध्या पहुंचा था। अब तक की जांच में वह मानसिक रोगी बताया गया है। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है।
️बड़ा टास्क,
बड़वानी। नकली नोट मामले में गुरुवार दोपहर पलसूद थाने में एसपी जगदीश डावर ने मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर एसडीओपी राजपुर महेश सुन्नैया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सुखलाल भंवर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने मटली रोड से आ रही सफेद रंग की स्कॉर्पियो वाहन एमपी 09 सीक्यू 3381 को एकलवारा पुलिया पर रोका। वाहन में सवार भागीराम पिता हमरिया कनोज, 28 वर्ष निवासी ग्राम मटली जिला बड़वानी और गोविंद पिता सुवालाल बांडोद, 19 वर्ष निवासी हीरकराय थाना सिलावद जिला बड़वानी की तलाशी लेने पर उनकी जेब से 500-500 रुपये के कुल 98 नकली नोट बरामद किए गए। आरोपियों के वाहन के पिछले कांच पर भाजपा का चुनाव चिन्ह बना हुआ था। हालांकि आरोपियों के भाजपा से जुड़े होने के कोई प्रमाण सामने नहीं आए है और न ही पुलिस ने इस संबंध में कोई जानकारी दी।
कैश रिसीव,
TOP NewsBangladeshUSमंत्री विक्रमादित्य की फेसबुक पर टिप्पणीआज का शब्दDonald Trumpबर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीTariff ThreatMaharashtraसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल
रिसीव, अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:राहुल तिवारीUpdated Thu, 08 Jan 2026 12:33 PM IST
गेट मोबाइल बस्ती। लालगंज थाना क्षेत्र के कड़सरी मिश्र गांव में देसी शराब व बीयर की दुकान में शुक्रवार की रात हुई लूट का पुलिस ने सोमवार को पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने लूट की फर्जी कहानी रचने के आरोप में दुकान के सेल्समैन बैजीपुर गांव निवासी धीरेंद्र यादव को थाना क्षेत्र के गांव बहद से गिरफ्तार कर लिया।
अंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में एक 48 वर्षीय व्यक्ति, बबलू मंडल, की चाकू मारकर हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक युवती को हिरासत में लिया है, जबकि दो अन्य युवक अभी भी फरार हैं।
ऑफर फ्री, औरैया। लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे जिले के पांच डॉक्टरों को शासन ने बर्खास्त कर दिया है। इनमें से कोई डॉक्टर आठ तो कोई दस साल से भी अधिक समय से अनुपस्थित चल रहा था।







