कमाई
अर्न पॉइंट्स
प्रीमियम ऐप, Inc
मासिक अर्न
💢रिवॉर्ड्स क्लिक💢
️रजिस्टर वीडियो,चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 06:02 AM IST
सारमुंगेर जिले के वासुदेवपुर थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर दबंगों ने हथियार के बल पर तीन युवकों से मारपीट की। घटना में एक युवक का हाथ और पैर टूट गया, जबकि दो अन्य घायल हुए हैं। चलिए बता रहे हैं कि इस विवाद की वजह क्या थी?
टास्क लॉग इन, विस्तारFollow Usरामलीला मंचन में पूनम पांडे का मंदोदरी पात्र एक बड़े विवाद की वजह बन गया है। दिल्ली की प्रसिद्ध लव-कुश राम लीला में इस बार आयोजकों ने पूनम पांडे के लिए मंदोदरी का किरदार तय किया है। इसको लेकर संत समाज में काफी विरोध हो रहा है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विरोध के बाद अब मध्य प्रदेश के कंप्यूटर बाबा ने इसकी कड़ी आलोचना की है। उन्होंने रामलीला अध्यक्ष की सोंच पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूनम पांडे को मंदोदरी के बजाय सूर्पनखा का किरदार सौंपा जाना चाहिए।
जिले के डीग कस्बे में शनिवार को अनोखी विदाई देखने पूरा गांव उमड़ पड़ा, जब दूल्हा अपनी दुल्हन को हेलीकॉप्टर से विदा करवाने पहुंचा। लखनपुर वैर निवासी दिलीप शर्मा के पुत्र कुलदीप शर्मा की बारात बड़े धूमधाम से डीग पहुंची। परंपरागत रस्मों के बीच विवाह समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ लेकिन इस शादी की सबसे बड़ी खासियत रही दुल्हन क्षमा शर्मा की हेलीकॉप्टर से होने वाली विदाई।
सारWeather News: कोहरे के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जिलें में न्यूनतम दृश्यता 30 से 50 मीटर तक दर्ज की गई, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ा है। सुबह और देर रात के समय दृश्यता बेहद कम रहने से दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
रविवार को सर्दी के इस सीजन में पहली बार छतरपुर शहर कोहरे की आगोश में समाया। सुबह करीब 9 बजे तक सड़कों पर घना कोहरा रहा, जिसके चलते वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी बीच छतरपुर पुलिस ने घने कोहरे के कारण संभावित दुर्घटनाओं और असुविधाओं से बचने के लिए, छतरपुर पुलिस अधीक्षक द्वारा वाहन चालकों और आम जनमानस की सुरक्षा हेतु एक विस्तृत एडवाइजरी भी जारी की।
मासिक पॉइंट्स,
टास्क मोबाइल
पंजाब सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर में लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी की गई है जिसके तहत एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की वैधता समाप्त हो चुकी परियोजनाओं के लिए अब दो साल का विस्तार दिया जाएगा। यह सुविधा विशेष रूप से वर्ष 2014 के बाद मंजूर परियोजनाओं पर लागू होगी।
वेरिफाई रजिस्टर,







