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️मोबाइल,आगरा। बटेश्वर मेले का आयोजन ताज महोत्सव की तर्ज पर किया जाएगा। यह फैसला सोमवार को विकास भवन सभागार में आयोजित जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में लिया गया। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट को सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने की।
विस्तारFollow Usमहिलाओं को लघु ऋण देकर जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए कार्य रही क्रेडिट कंपनी के कर्मचारियों ने अमानत में खयानत कर दी। कर्मचारियों ने महिलाओं से दिए गए ऋण की राशि तो वसूल ली लेकिन कंपनी में जमा नहीं कराई। इस पर एरिया मैनेजर ने शाखा प्रबंधक और तीन केंद्र प्रबंधकों के खिलाफ सज्जनगढ़ थाने में प्रकरण दर्ज कराया है।
डाउनलोड इनवाइट, संगम तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।- फोटो : अमर उजाला।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में बालाघाट नगरपालिका की बड़ी लापरवाही और गड़बड़ी का मामला सामने आया है। करीब 1 करोड़ 14 लाख 10 हजार रुपये की राशि ऐसे 133 हितग्राहियों को जारी कर दी गई, जिन्होंने आवास का निर्माण ही नहीं किया। अक्तूबर में मामला उजागर होने के बाद से नगर पालिका वसूली के लिए जूझ रही है।
विस्तारFollow Usजिले के शाहाबाद कस्बे में मंगलवार दोपहर फोर लेन हाईवे पर हुए एक सड़क हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए। इनमें से 10 की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें केलवाड़ा और बारां जिला अस्पताल रैफर किया गया है।
सारमाघ मेला क्षेत्र में मुख्य स्नान पर्व पर शहर के बाहर 12 प्रमुख नो-एंट्री प्वाइंट निर्धारित किए गए हैं। जिनमें मंदर मोड़, थाना परेडी गेट, पुलिस चौकी बमरौली, सहसो चौराहा, हबूसा मोड़, सोरांव बाइपास, नवाबगंज बाइपास, मलाक हरहर चौराहा, टीपी नगर कटरा, रामपुर चौराहा, गौहनिया घरपुर और 40 नंबर गुमटी शामिल हैं।
डिपॉजिट, संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़Updated Tue, 13 Jan 2026 02:14 AM IST
डायमंड वॉच
हल्द्वानी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:05 PM IST
ट्रांसफर विज़िट, जिले में छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करते हुए छह दिनों से तीन हाथी जिले की सीमा में विचरण कर रहे हैं। लगातार यह क्षेत्र हाथियों का विचरण क्षेत्र बना हुआ है, जहां रह-रह कर हाथी पहुंचते रहते हैं। रात्रि के समय हाथी लगातार विचरण कर ग्रामीणों के घरों-फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। पूर्व में भी कई ग्रामीणों की हाथी के हमले से मौत हो चुकी है। इससे डरे-सहमे ग्रामीण अब हाथियों से अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर आशियाना बना रखा है। दिन भर तो यह अपने घर में रहते हैं, लेकिन रात होते ही पेड़ में बनाए गए आश्रय स्थल पर हाथियों की निगरानी करते हुए अपनी जीवन रक्षा भी कर रहे हैं।







