कम्पलीट लॉग इन
फ्रेंड्स
गेट ट्रांसफर, Inc
स्टूडेंट कूपन
💢ऐप मोबाइल💢Tariff Threatईरान में कितना बड़ा हुआ आंदोलन?BangladeshTOP NewsUttarakhandUSUPReal Madridकपसाड़ कांडआज के दिन
️मेगा वॉच,
पुराना ईज़ी, संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:09 PM IST
Budget 2026खुदरा महंगाई दर में उछालShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'डिलीवरी बॉय बने राघव चड्ढाIND vs NZसीएम रेखा का बयानअंबरनाथ नगर परिषदIndia-US Tiesपीएम मोदी कार डिप्लोमेसी
वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:41 AM IST
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:Digvijay SinghUpdated Mon, 01 Dec 2025 02:25 PM IST
कमेंट, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें एक न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया गया था। आरोप है कि उक्त अधिकारी ने वर्ष 2018 में ट्रेन यात्रा के दौरान एक महिला सहयात्री के सामने पेशाब किया और यात्रियों के साथ नशे की हालत में दुर्व्यवहार किया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने इस आचरण को “घृणित” और “चौंकाने वाला” बताते हुए टिप्पणी की कि ऐसे मामले में अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए था।
कलेक्ट विस्तारFollow Usभीलवाड़ा जिले के इंरास गांव में अंधविश्वास के कारण एक नौ महीने के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। मामूली सर्दी-जुकाम और सांस लेने में परेशानी से पीड़ित बच्चे को अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन गांव के भोपा (झाड़-फूंक करने वाले) के पास ले गए। भोपा ने इलाज के नाम पर गर्म सरिए से बच्चे के शरीर पर कई जगह दाग लगा दिए। इससे उसकी हालत और बिगड़ गई और तीन दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद शनिवार रात मासूम ने दम तोड़ दिया।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुरPublished by:शबाहत हुसैनUpdated Sat, 20 Dec 2025 02:28 PM IST
विज़िट गेम, संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Thu, 08 Jan 2026 10:39 PM IST







