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सारAzamgarh News:आजमगढ़ में युवती की लाश मिलने की सूचना पाकर माैके पर बरदह थाने की पुलिस भी पहुंच गई। परिजनों और स्थानीय लोगों से जानकारी लेने के साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया।

आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।

कमेंट, इंदिरा सागर परियोजना से प्रभावित किसानों को भू-अर्जन मुआवजा न मिलने पर अब बड़वानी का प्रशासनिक तंत्र संकट में है। न्यायालय ने कलेक्टर कार्यालय की भूमि कुर्क कर नीलामी की चेतावनी दी है।

इनवाइट लाइक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Wed, 24 Dec 2025 06:17 PM IST

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।

ऐप गेट, अमर उजाला नेटवर्क, बालोदPublished by:विजय पुंडीरUpdated Sat, 20 Dec 2025 08:59 AM IST

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