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प्लेटिनम टास्क
💢प्रीमियम अर्न💢बिजावर जनपद सीईओ समेत चार पर कार्रवाई।- फोटो : अमर उजाला
️स्टूडेंट,संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:10 PM IST
इनाम पॉइंट्स,
चंडीगढ़। शहर में क्रेश संचालन के नाम पर हुए खर्च में बड़ी अनियमितता सामने आई हैं। सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग के रिकॉर्ड की ऑडिट जांच में 24.59 लाख रुपये का खर्च इनएडमिसिबल (अमान्य) करार दिया गया है। यह खुलासा वर्ष 2021-22 के दौरान 50 क्रेच के संचालन के लिए जारी अनुदान की जांच में हुआ।
बीजापुर में विधायक विक्रम मंडावी ने आज जिला मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर संभाग का बीजापुर जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां संविधान की पांचवीं अनुसूची लागू है। 25 जनवरी 1994 से पंचायती राज व्यवस्था के साथ ही प्रदेश में पेसा कानून भी लागू है। इनके तहत ग्राम सभा सर्वोपरि है और गांव में किसी भी विकास कार्य के लिए ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है। यह संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया हमारे लोकतंत्र को मजबूत करती है।
विस्तारFollow Usबूंदी जिले में केशोरापाटन रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से गिरने की घटना में कोटा में NEET की तैयारी कर रहा छात्र दीपक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत कोटा के एमबीएस अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक छात्र बिहार के पटना का रहने वाला था और पिछले एक वर्ष से अपनी बहन के साथ कोटा में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
गेट अर्न,
साइन अप टास्क सारMP:सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें 2018 में ट्रेन में महिला यात्री के सामने अशोभनीय व्यवहार और नशे में दुर्व्यवहार के आरोपों वाले एक न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी रद्द की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी के आचरण को घृणित और चौंकाने वाला बताया और कहा कि ऐसे मामलों में अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए था।
TOP NewsBangladeshUSमंत्री विक्रमादित्य की फेसबुक पर टिप्पणीआज का शब्दDonald Trumpबर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीTariff ThreatMaharashtraसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल
लाइक डिपॉजिट, भिवानी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत पढ़ाई बीच में छोड़ चुके ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग की ओर से 19 जनवरी तक सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के रुझान सामने आने लगे हैं। सर्वे में पाया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी दायरे में पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले बच्चों की संख्या अधिक है। इनमें विशेष रूप से प्रवासी मजदूर परिवारों और घुमंतू लोगों के बच्चे शामिल हैं।







