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💢विशेष फ्री💢बाह। बिजकौली के बेसमेंट हादसे में मृतकों के परिजन से संवेदना जताकर बाह की विधायक पक्षालिका सिंह ने तहसील प्रशासन को मुआवजे की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। बिजकौली गांव में 14 दिसंबर को निर्माणाधीन बेसमेंट की ढ़ही दीवार के मलबे में 7 लोग दब गए थे। जिनमें से हीरालाल एवं योगेश कुमार उर्फ योगेंद्र की मौत हो गई थी। उत्तम सिंह, धर्मेंद्र सिंह, सुनील कुमार, रामेंद्र सिंह, कल्लू घायल हुए थे। सोमवार को बाह की विधायक पक्षालिका सिंह बिजकौली गांव में पहुंची, बेसमेंट हादसे की जानकारी ली। मौके से ही तहसील प्रशासन से बात की और मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। इस दौरान बाह के ब्लॉक प्रमुख लाल सिंह चौहान, सुनील बाबू, चंदू भदौरिया, धर्मेंद्र सिंह भदौरिया, अल्केंद्र सिंह जादौन, जयपाल सिंह आदि रहे।
️नया गेट,खेकड़ा। कृषि विज्ञान केंद्र में सोमवार को युवा किसानों को आधुनिक खेती और उसके लाभ के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षु युवाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
संवाद न्यूज एजेंसीPublished by:गायत्री जोशीUpdated Thu, 08 Jan 2026 10:03 AM IST
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विस्तारFollow Usक्षेत्र में लगातार हो रही बेमौसम बारिश की अतिवृष्टि से हुई किसानों की फसल चौपट एवं क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक सुनील सराफ के नेतृत्व में बुधवार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन तहसीलदार दशरथ सिंह को सौंपा गया।
देवकली में क्षतिग्रस्त और जर्जर हो चुकी पुलिया। संवाद- फोटो : संवाद
शेयर, विस्तारFollow Usकरीब दो हफ्तों से हाड़ कंपाने वाली ठंड और घने कोहरे की चादर में लिपटे अलीगढ़ के लोगों के लिए 10 जनवरी की सुबह एक नई उम्मीद लेकर आई। 12 दिनों के लंबे इंतजार के बाद धूप निकलने पर लोगों को ठिठुरन से राहत मिली। 24 घंटे के अंदर न्यूनतम तापमान में 3.6 और अधिकतम में 6.2 डिग्री की वृद्धि हुई। यह राहत धूप खिलने और बर्फीली हवाओं की गति थमने के कारण मिली है। 11 जनवरी को भी सुबह से ही धूप खिली रही।
डायमंड फ्रेंड्स विस्तारFollow Usअमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
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