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💢सर्वे💢मोबाइल की स्क्रीन टूटने पर बच्चे ने खाया जहर- फोटो : credit
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अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Sun, 11 Jan 2026 06:33 PM IST
कम्पलीट गेट, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र के मड़िहान बाजार में मंगलवार की भोर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक सौतेले बेटे ने अपनी मां और भाई की निर्मम हत्या कर दी। आरोपी ने दोनों शवों को ट्रैक्टर ट्राली पर लादकर ठिकाने लगाने का प्रयास किया, लेकिन राहगीरों की सतर्कता से पूरी घटना का पर्दाफाश हो गया।
विस्तारFollow Usबचपन में कटी हुई पतंग तो सभी ने लूटी होगी। इस दौरान कई बार दोस्तों के बीच लूटी हुई पतंग को लेकर आपस में या उसके मालिक के साथ विवाद भी हुए होंगे। लेकिन, बुरहानपुर में पतंग लूटने की बात पर उसके मालिक और लूटने वाले युवक के बीच विवाद मारपीट तक पहुंच गया।
सारपहाड़ों में बर्फबारी के बाद मध्यप्रदेश में ठंड और कोहरे का असर तेज हो गया है। ग्वालियर-चंबल संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित है। अगले चार दिन तक शीतलहर और घना कोहरा बना रहने की संभावना है। शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री दर्ज हुआ।
झंडूता के बलघाड़ में आयोजित हिंदू सम्मेलन में मौजूद लोग। स्रोत: आयोजक
रिसीव,
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विस्तारFollow Usबूंदी कोतवाली पुलिस ने पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल पर हुए जानलेवा हमले के मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को 25 सितंबर को पकड़ा गया। इस मामले में एक आरोपी को पहले 21 सितंबर को गिरफ्तार किया जा चुका था। घटना 20 सितंबर को बूंदी शहर के गणगौर होटल के सामने चित्तौड़ रोड पर हुई थी। सफेद क्रेटा कार में आए अज्ञात हमलावरों ने सुरेश अग्रवाल पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था और मौके से फरार हो गए थे। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
गेट, जाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।







