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इनवाइट विन
💢डायमंड इनवाइट💢मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झूठे वादों और खोखली बातों की राजनीति करने वालों को सत्ता से बाहर करना अब पंजाब के लोगों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राजनीति सत्ता सुख का साधन नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम होनी चाहिए, लेकिन पंजाब में मौजूदा सरकार ने इसे मजाक बना दिया है।
️डिस्काउंट क्लिक,सारमंगलवार को कई जिलों में तेज बारिश का दौर रहा। इंदौर में 9 घंटे में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिरा। जबकि रायसेन और नर्मदापुरम में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, बैतूल, गुना, ग्वालियर, खरगोन, पचमढ़ी, उज्जैन, दमोह, मंडला, सिवनी में भी बारिश हुई।
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बिजनौर। जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने शनिवार को महात्मा विदुर सभागार में पत्रकार वार्ता में वीबी जी राम जी की विशेषताओं का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि योजना में पहले 100 दिन रोजगार देने की गारंटी थी। अब पंजीकृत श्रमिक को 125 दिन रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। कहा कि सरकार ने किसानों के हितों को देखते हुए फसल कटाई, बुवाई के समय कुल मिलाकर 60 दिन कार्य बाधित रहेगा। इससे किसानों को श्रमिकों को लेकर परेशानी नहीं होगी। योजना के तहत अगर श्रमिकों को समयावधि में भुगतान नहीं होता है, तो उन्हें ब्याज के साथ मजदूरी की धनराशि दी जाएगी।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Mon, 03 Nov 2025 01:32 PM IST
जिला जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 22 साल के कैदी ने जेल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। आरोपी पिछले 3 साल से जेल में विचाराधीन कैदी बतौर बंद था। हाल ही में 24 दिसंबर को छतरपुर जिला न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी और सजा के 24 घंटे बाद उसने जेल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद से जिला जेल में हड़कंप मचा हुआ है।
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वॉच फ्री अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Sun, 23 Nov 2025 05:41 PM IST
सारचुराह उपमंडल में शनिवार रात कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए भीड़ ने चंबा पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईयू) पर हमला कर 1.42 किलोग्राम चरस के साथ पकड़े आरोपी को छुड़ा लिया।
अर्न, विस्तारFollow Usछतरपुर जिले में अप्रैल से नवंबर 2025 तक करीब 8 माह की अवधि में कुल 402 बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस दौरान 64 बच्चों ने रास्ते में, 83 बच्चों की घर पर और 255 बच्चों की अस्पताल में डिलीवरी के बाद उपचार के दौरान दम तोड़ा। कुल 16,912 डिलीवरी में से 402 नवजातों की मृत्यु दर्ज की गई है।







