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💢मासिक कमेंट💢विस्तारFollow Usभिंड जिले में मां ने नवजात की गला दबाकर हत्या कर दी। पति ने रोका तो उस पर भी हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज किया है। मालनपुर के वार्ड क्रमांक 14 में की है। आरोपी उषा बघेल के पति जगन्नाथ सिंह बघेल ने बताया कि पत्नी पिछले कुछ दिनों से उस पर शक करती थी और आए दिन विवाद करती थी। गुस्से में आकर उषा ने बेटे की जान ले ली। जगन्नाथ सिंह बघेल उत्तर प्रदेश के ललितपुर के लाधवारी महुआ खेरा का रहने वाला है। भिंड में रहकर मजदूरी करता है।
️गोल्ड गेट,पंजाब में लोहड़ी की धूमHaryana Weatherनशा छुड़ाने के नाम पर लूटPhagwaraChandigarhरिकाॅर्डतोड़ ठंड से ठिठुरा चंडीगढ़PunjabChandigarh News
चंपावत। चंपावत जिला अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) बनने से गंभीर मरीजों का इलाज आसान होगा। करोड़ो की लागत से बनने वाले सीसीयू से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। जिला अस्पताल परिसर में 50 बेडेड सीसीयू का निर्माण कार्य करी 20.22 करोड़ की लागत से ब्रिडकुल कर रहा है। सीसीयू का निर्माण पूरा होने के बाद गंभीर मरीजों को रेफर नहीं करना पड़ेगा।
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सुपर रिसीव, चंडीगढ़ में मेयर चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दांवपेंच भी तीखे होने लगे हैं। भाजपा ने आप के दो पार्षदों को अपने साथ मिलाकर अपना संख्या बल मजबूत किया, उसी का जवाब देते हुए आप ने अपनी पंजाब वाली ताकत दिखाकर पाला बदलने का विचार करने वाले पार्षदों को सख्त संदेश दे दिया है।
अल्ट्रा कैश भिवानी। जिले के पांच खंड तोशाम, कैरू, सिवानी, लोहारू और बहल क्षेत्र के करीब 170 गांवों का भूमिगत जल पाताल में पहुंच गया है। यही वजह है कि 800 से 900 फीट गहराई में भूमिगत जल दोहन के लिए लगाए गए बोरवेल रासायनिक तत्व उगल रहे हैं जिनसे कैंसर का खतरा भी बढ़ रहा है। भूमिगत जल की विद्युत चालकता (ईसी) 6000 के पार पहुंच गई है वहीं टीडीएस, हार्डनेस और फ्लोराइड की मात्रा भी सामान्य से तीन गुना तक आंकी जा रही है।
बिजनौर में कांग्रेस कार्यालय पर कार्यकर्ताओं में होती मारपीट। स्रोत वीडियो ग्रैब
ईज़ी, बीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।







