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💢साइन अप💢कुमारगंज। लगातार हो रही साइबर ठगी से पुलिस भी परेशान है। इसे लेकर रविवार को थानाध्यक्ष ओम प्रकाश ने जनसेवा केंद्र संचालकों एवं थाने के साइबर सेल वॉलेंटियर के साथ जागरूकता बैठक की। बैठक में ठगी से बचने के उपाय सुझाए गए।
️सब्सक्राइब,शिक्षकों और संस्था प्रमुख के बीच विवाद- फोटो : अमर उजाला
सारGarnier: भारत के सबसे भरोसेमंद हेयर कलर गार्नियर और अमर उजाला के संयुक्त प्रयास से उत्तर प्रदेश में एक अनूठी पहल की शुरुआत हुई। 'गार्नियर कलर कार' नाम की इस पहल ने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई।आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
विन गेम, बेमेतरा जिले में पुलिस की सतर्कता और तकनीकी कार्रवाई से गुम हुए मोबाइल धारकों को बड़ी राहत मिली है। विभिन्न थाना व चौकी क्षेत्रों से गुम हुए 120 मोबाइल फोन को CEIR पोर्टल (Central Equipment Identity Register) के माध्यम से बरामद किया गया। इसे लेकर एसपी ऑफिस में एक कार्यक्रम आयोजित कर उनके वास्तविक स्वामियों के सुपुर्द किया गया।
बांदा। पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने राइफल क्लब मैदान की नीलामी रोकने के लिए 17 जनवरी को धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यह मैदान किसी दल, व्यक्ति या जाति विशेष का नहीं, बल्कि सभी का है।
विस्तारFollow Usपरिषदीय विद्यालयों में अखबार मंगाना अनिवार्य किए जाने के फैसले का अलीगढ़ शिक्षकों ने स्वागत किया है। इसे बच्चों को पुस्तकों के साथ-साथ वास्तविक दुनिया से जोड़ने वाला कदम बताया।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़वानीPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Sat, 22 Nov 2025 06:27 PM IST
कैश गेम, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुरPublished by:अनूपपुर ब्यूरोUpdated Mon, 22 Sep 2025 10:14 PM IST
क्लिक मोबाइल विस्तारFollow Usबालाघाट जिले में बाघ नाखून तस्करी प्रकरण ने एक बार फिर सनसनी फैला दी है। फरार चल रहे आरोपी सतीश भलावी को वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अहम खुलासा किया, जिसके आधार पर लामता के मैरा जंगल के नाले में खुदाई की गई। वहां से हड्डियों के टुकड़े बरामद हुए, जिसने एक और बाघ की मौत की आशंका को गहरा दिया है। वन विभाग ने बरामद हड्डियों को फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेज दिया है, ताकि यह पुष्टि की जा सके कि ये हड्डियां बाघ की हैं या किसी अन्य जानवर की।
प्लेटिनम वॉच, 1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।







