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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंजPublished by:शबाहत हुसैनUpdated Mon, 03 Nov 2025 07:20 PM IST
ट्रांसफर रिसीव, खुदरा महंगाई दर में उछालबजट 1 या 2 फरवरी को'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'IND vs NZसीएम रेखा का बयानअंबरनाथ नगर परिषदIndia-US Tiesपीएम मोदी कार डिप्लोमेसीयूपीविवेकानंद यूथ अवॉर्ड
अंबाला सिटी। शहर की सरकार का कार्यकाल मंगलवार को पूरा होगा। इस कार्यकाल के पांच वर्ष की अपेक्षा मेयर के उपचुनाव के बाद हुए कार्यों को लेकर शहर में ज्यादा चर्चा रही। खास तौर पर शहर में हुए और होने वाले कार्यों को लेकर सियासी माहौल भी गर्माया। भाजपा मेयर ने अपने ही पार्टी नेताओं को घेरा तो कांग्रेस के पार्षदों ने भी शहर के विकास कार्यों के न होने और हाउस की बैठक नहीं होने पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।
विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। शनिवार तड़के कुछ लोगों ने जज को जान से मारने की धमकी दी, साथ ही उनके आवास पर पथराव भी किया। जिससे जज के परिवार में भय का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
सामने से आए अज्ञात वाहन की रोशनी पड़ने पर बाइक सवार तीन मित्र अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जानवर बांधने के खूंटा से टकराकर लगे शीशम के पेड़ से भिड़ गए। हादसे में तीनों गंभीर घायल हो गए। तीनों को पुलिस ने नरैनी सीएचसी पहुंचाया। वहां दो ने दम तोड़ दिया। तीसरे युवक को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। वहां उसने देर रात दम तोड़ दिया। सभी मृतक चित्रकूट जिले के रसिन व ब्यूर गांव के रहने वाले थे। बाइक चालक हेलमेट लगाए था, उसके अंडकोष में चोट आने से उसकी मौत हुई है।
क्लिक ट्रांसफर, अमर उजाला नेटवर्क, अंबेडकरनगरPublished by:भूपेन्द्र सिंहUpdated Sun, 11 Jan 2026 09:51 AM IST
साप्ताहिक रिसीव अमर उजाला नेटवर्क, अमेठीPublished by:ishwar ashishUpdated Mon, 12 Jan 2026 04:50 PM IST
सुपर कमेंट, विस्तारFollow Usजिले में छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करते हुए छह दिनों से तीन हाथी जिले की सीमा में विचरण कर रहे हैं। लगातार यह क्षेत्र हाथियों का विचरण क्षेत्र बना हुआ है, जहां रह-रह कर हाथी पहुंचते रहते हैं। रात्रि के समय हाथी लगातार विचरण कर ग्रामीणों के घरों-फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। पूर्व में भी कई ग्रामीणों की हाथी के हमले से मौत हो चुकी है। इससे डरे-सहमे ग्रामीण अब हाथियों से अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर आशियाना बना रखा है। दिन भर तो यह अपने घर में रहते हैं, लेकिन रात होते ही पेड़ में बनाए गए आश्रय स्थल पर हाथियों की निगरानी करते हुए अपनी जीवन रक्षा भी कर रहे हैं।







