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💢लॉग इन💢अमर उजाला नेटवर्क, बालोदPublished by:राहुल तिवारीUpdated Thu, 18 Dec 2025 09:09 AM IST
️अल्ट्रा फ्रेंड्स,संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:17 AM IST
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। उप जिला अस्पताल चौखुटिया में रोस्टर के तहत रानीखेत से बाल रोग विशेषज्ञ और महिला रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों को आना था, लेकिन विभागीय बैठक के चलते वह नहीं पहुंचे। इस कारण अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।
मेगा डाउनलोड, अमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
RPSC डिप्टी कमांडेंट (गृह रक्षा) परीक्षा 11 जनवरी को
क्षेत्र के गांव रुखाला में शनिवार शाम को खेत पर मधुमक्खियों के हमले से महिला की मौत हो गई।
विस्तारFollow Usअजमेर स्थित ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में खादिमों को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। दरगाह कमेटी की अधिसूचना के अनुसार आवेदन की अंतिम तारीख 5 जनवरी 2026 तय की गई है, लेकिन अब तक नाजिम कार्यालय में एक भी आवेदन जमा नहीं हुआ है। अंतिम तारीख नजदीक होने के बावजूद प्रक्रिया ठप नजर आ रही है।
विन, विस्तारFollow Usसऊदी अरब में काम करने गए बालोतरा जिले के युवक रमेश मेघवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन उसका शव अब तक भारत नहीं पहुंच पाया है। शव न आने से परिवार गहरे सदमे में है और मां बेटे की अंतिम झलक के इंतजार में हर दिन टूटती जा रही है।
फ्रेंड्स अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Mon, 12 Jan 2026 06:34 PM IST
कमेंट सब्सक्राइब, अल्मोड़ा। साप्ताहिक बंदी के बाद खुले अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ी। ओपीडी में उपचार के लिए सोमवार को 901 मरीज पहुंचे। दवा वितरण कक्ष, पर्ची काउंटर से लेकर चिकित्सक कक्ष तक मरीजों की भीड़ रही। मरीजों को कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।







