सब्सक्राइब सब्सक्राइब
इंस्टेंट डिपॉजिट
नया कूपन, Inc
इंस्टेंट रिवॉर्ड्स
💢गेट💢😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
️पॉइंट्स लाइक,
विस्तारFollow Usराजस्थान के बाड़मेर जिले के युवा दीपक शारदा ने युवाओं को प्रेरित करने वाली एक अभिनव पहल के तहत 3D नेविगेशन आधारित भारत मैप तैयार किया है। इस तकनीकी उपलब्धि की केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न और गूगल जैसी बड़ी कंपनियों ने भी सराहना की है। दीपक शारदा का उद्देश्य भारत के हर गांव और गली को डिजिटल पहचान देना और आसानी से पहुंच सुनिश्चित करना है। कनाडा में पढ़ाई पूरी करने के बाद देश सेवा का जज्बा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्टार्टअप और डिजिटल क्रांति की पहल को साकार करते हुए उन्होंने यह परियोजना शुरू की।
बड़ा रिवॉर्ड्स, संवाद न्यूज एजेंसी, बलौदाबाजार-भाटापाराPublished by:राहुल तिवारीUpdated Mon, 17 Nov 2025 09:37 PM IST
विस्तारFollow Usबाड़मेर जिले के शिव थाना क्षेत्र में नए साल की पार्टी के दौरान खाने को लेकर हुआ मामूली विवाद एक कर्मचारी की मौत का कारण बन गया। सोलर कंपनी में कार्यरत दो कर्मचारियों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई, जिसमें एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया।
कमेंट अर्न, संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्याUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:54 PM IST
वीआईपी सर्वे
विस्तारFollow Usअजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में चल रहे उर्स मेले में जायरीन के मोबाइल और जेब साफ करने वाली गैंग का दरगाह थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया। पुलिस ने महाराष्ट्र के मालेगांव और नासिक से जुड़े इस गिरोह के 8 बदमाशों को पकड़ा और उनके पास से करीब 25 लाख रुपये कीमत के 54 मोबाइल फोन बरामद किए। ये लोग मेले की भीड़ का फायदा उठाकर चोरी कर रहे थे।
विशेष रजिस्टर, अमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।







