सब्सक्राइब
रिवॉर्ड्स कम्पलीट
गेम, Inc
डिस्काउंट
💢इनवाइट कमेंट💢
️मासिक अर्न,चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:40 AM IST
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Wed, 07 Jan 2026 10:44 PM IST
छोटा डाउनलोड, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदीPublished by:बूँदी ब्यूरोUpdated Fri, 05 Sep 2025 09:04 PM IST
सारबीजापुर जिले के थाना भैरमगढ़ के तहत इन्द्रावती क्षेत्र के आदवाड़ा,कोटमेटा के जंगल-पहाड़ों में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। डीआरजी बीजापुर द्वारा चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे से रुक-रुक कर फायरिंग जारी रही।
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौरPublished by:मोहम्मद मुस्तकीमUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:55 PM IST
राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित भरतपुर जिला स्तरीय समारोह में उस समय हंगामा मच गया, जब कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भाजपा पदाधिकारियों ने उच्चैन एसडीएम धारा मीणा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि मौके पर मौजूद जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को हस्तक्षेप कर मामला शांत कराना पड़ा।
गोल्ड विज़िट, धामपुर। गांव भटियाना खुशहालपुर में रविवार सवेरे नौ बजे गांव के निकट खेत में गुलदार बैठा नजर आने से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अवगत कराने के बाद भी वन विभाग की ओर से पिंजरा नहीं लगाया जा रहा है। गांव के मास्टर सुधीर कुमार चौहान ने बताया कि जब वह सवेरे नौ बजे जंगल में काम करने के लिए बाइक से जा रहे थे। इस दौरान गांव के निकट पूर्व प्रधान के घर के पास स्थित सरसों के खेत में गुलदार बैठा हुआ दिखाई दिया। उन्होंने शोर मचाया और गांव के लोग इकट्ठा हुए तो गुलदार गन्ने के खेत में जा छिपा। गांव की मीनाक्षी, बबीता, अर्जुन ,जितेंद्र, सतवीर, परविंदर और लोकेश का कहना है कि कई बार वन विभाग के अधिकारियों से पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर जल्द पिंजरा लगाए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि 2025 में उनके गांव में वन विभाग द्वारा दो गुलदाराें को पकड़ चुका है। डिप्टी रेंजर हरदेव सिंह का कहना है कि उन्होंने ग्राम प्रधान से संपर्क कर पिंजरे को गांव में लगाने के लिए सुझाव दिया है। ग्रामीणों की ओर से सहयोग नहीं मिल रहा।
कलेक्ट बोनस चंडीगढ़। प्रदेश के प्राथमिक शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित मेडिकल बिलों के निपटारे के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। शिक्षकों व कर्मचारियों की शिकायतों के बाद विभाग ने मेडिकल बिल भुगतान की शक्तियां अधिकारियों में विभाजित कर दी हैं ताकि भुगतान में हो रही देरी खत्म की जा सके।
- कुक कम हेल्परों की साल में दो बार मुफ्त मेडिकल जांच के निर्देश
स्टूडेंट गेट,







