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💢कलेक्ट💢अमरोहा। न्यायिककर्मी राशिद हुसैन की बेरहमी से हत्या ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। 35 वर्षीय पत्नी रुखसार के रुख पर सिर्फ आंसू हैं। रुक-रुक कर आती चीखों के अलावा उनके मुंह से कोई अल्फाज नहीं निकल रहे। लगातार बहती आंखों से वह पास मौजूद महिलाओं की तरफ सवालिया निगाहों से देखती हैं और रुंधे गले से एक ही सवाल निकलता है-इतनी मामूली बात पर कोई किसी की जान कैसे ले सकता है।
️पुराना लाइक,
गोल्ड लॉग इन, अल्मोड़ा। भारत मां की रक्षा के लिए तीन युद्ध लड़ने वाले योद्वा सेवानिवृत लांस नायक हरि दत्त जोशी का निधन हो गया है। वह 90 साल के थे। तीनों युद्धों में उन्होंने अदम्य साहस और वीरता का परिचय देकर दुश्मनों के छक्के छुड़ाएं थे। उनके निधन पर पूर्व सैनिकों और विभिन्न संगठनों ने शोक जताया है।
अमृतसर के कस्बा वल्टोहा के आम आदमी पार्टी के सरपंच जरमल सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने रायपुर (छत्तीसगढ़) से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना चार जनवरी की शाम वेरका स्थित मेरी गोल्ड मैरिज पैलेस में हुई थी जहां आरोपियों ने सरपंच जरमल सिंह के सिर में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी।
विस्तारFollow Usबागेश्वर जिले के मनकोट गांव से अचानक गायब हुई महिला का शव दो किमी दूर जंगल से मिल गया है। शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। महिला के सिर पर चोट के निशान मिले हैं। ग्रामीण महिला की मौत का कारण तेंदुए का हमला बता रहे हैं। हालांकि वन विभाग ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही है।
कैश, संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:36 AM IST
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विस्तारFollow Usराजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा शुक्रवार को विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के साक्षात्कारों का विस्तृत कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। इसके अनुसार राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2024 के चतुर्थ चरण के इंटरव्यू 19 जनवरी से शुरू होकर 29 जनवरी तक चलेंगे। इस भर्ती के साक्षात्कार में उपस्थित होने वाले समस्त अभ्यर्थियों को ऑनलाइन भरे गए विस्तृत आवेदन पत्र डाउनलोड कर साक्षात्कार के समय दो प्रतियों में मय समस्त प्रमाण-पत्रों की फोटो प्रति एवं समस्त मूल प्रमाण-पत्रों सहित प्रस्तुत करना होगा।
दैनिक ट्रांसफर, अल्मोड़ा में उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी की प्रसिद्ध राजमा पर जलवायु परिवर्तन और मौसम का असर पड़ा है। एक दशक पहले तक जहां 1450-1800 मीटर की ऊंचाई पर राजमा की खेती होती थी, वहीं अब वर्तमान में 1800-2400 मीटर की ऊंचाई पर इसकी पैदावार हो रही हैं। एसएसजे परिसर अल्मोड़ा, कुमाऊं विवि और गढ़वाल केंद्रीय विवि के संयुक्त शोध में इस बात का खुलासा हुआ है।







