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💢कलेक्ट ऑफर💢विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश में बीते तीन दिनों से कोहरा और कड़ाके की ठंड ने पूरे प्रदेश को जकड़ रखा है। राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह 6 से 7 बजे के बीच दृश्यता घटकर महज 20 मीटर रह गई। हालात ऐसे रहे कि सुबह 11 बजे तक कोहरे की मोटी चादर शहर पर छाई रही। कोहरे और सर्द हवाओं ने दिन और रात के तापमान में गिरावट ला दी है। ठंड और घने कोहरे को देखते हुए प्रदेश के 21 जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। वहीं भोपाल, सीहोर और धार में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों की टाइमिंग बदलकर सुबह 9:30 बजे से कर दी गई है।
️वीआईपी गेम,मैहला में आरवीएनएल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मजदूर। स्रोत: यूनियन
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 08:29 PM IST
प्रीमियम रजिस्टर, मैहला में आरवीएनएल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मजदूर। स्रोत: यूनियन
सारमध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और शीतलहर से जनजीवन प्रभावित है। कई जिलों में रात का तापमान 2 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि भोपाल में 10 साल का रिकॉर्ड टूटते हुए पारा 3.8 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी कम हुई और रेल यातायात प्रभावित हुआ।
खुर्जा जंक्शन। रेलवे स्टेशन पर पुराने फुट ओवरब्रिज के ध्वस्तीकरण कार्य में रविवार को रैंप हटाने का कार्य किया गया। इसके लिए दोपहर साढ़े 12 बजे से डेढ़ बजे तक एक घंटे के लिए रेलवे लाइन पर ब्लॉक लिया गया।
सारBharatpur News: भरतपुर के सेवर थाना क्षेत्र में झाड़ियों में नवजात शिशु मिलने से सनसनी फैल गई। बच्चे के मुंह पर कपड़ा बंधा था और शरीर पर खरोंच के निशान थे। ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां बच्चा आईसीयू में भर्ती है। पुलिस जांच में जुटी है।
सिल्वर गेम, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) अंतर्गत बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसकी एक प्रेरक मिसाल मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बरदुली से सामने आई है, जहां सत्कार महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य सुष्मिता जाटवर ने संघर्ष से सफलता तक का उल्लेखनीय सफर तय किया है।
ईज़ी गेम चंबा। वन मंडल चंबा में कशमल की जड़ों के दोहन को लेकर स्थानीय लोग व ठेकेदार आमने सामने हो गए हैं। अब तक ठेकेदार लोगों को दस रुपये प्रति किलो की दर से कशमल जड़ों का दाम दे रहे थे जबकि दवा कंपनियों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। इसकी भनक लगते ही स्थानीय लोग दाम बढ़ाने की मांग पर अड़ गए हैं। अब वे दस रुपये की जबह 18 रुपये प्रति किलो दाम देने की मांग कर रहे हैं। यह दाम चुकाने के लिए ठेकेदार तैयार नहीं हाे रहे हैं। इसके चलते कशमल दोहन क्षेत्र में थम गया है। हालांकि, कुछ इलाकों में लोग इसके दोहन का विरोध भी कर रहे हैं। कुछ मात्रा में उन्होंने उखाड़ी गई कशमल को जलाया भी है। फिलहाल क्षेत्र के लोग अब दाम बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में यह मामला अब लोगों व ठेकेदार के बीच में फंस गया है। विभाग चाहकर भी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विभाग के कर्मचारी सही तरीके से कशमल दोहन पर निगरानी रख सकते हैं। ये जड़ें स्थानीय लोग किस दाम पर बेच रहे हैं और ठेकेदार आगे किस दाम पर बेच रहा है, इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है।
चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:41 AM IST
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