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💢अर्न💢पहली पत्नी पूनम के एसडीएम छोटूलाल पर गंभीर आरोप- फोटो : अमर उजाला
️मोबाइल,थप्पड़बाज एसडीएम का विवादों से पुराना नाता रहा है। पंप कर्मियों से मारपीट करने वाले एसडीएम के सस्पेंशन के बाद अब मामले में एक और नया पेंच निकलकर सामने आया है। घटना के बाद पंप कर्मियों के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराने वाली महिला असल में एसडीएम की पत्नी है ही नहीं। दरअसल घटना के समय एसडीएम छोटूलाल शर्मा के साथ गाड़ी में बैठी महिला ने खुद को एसडीएम छोटूलाल की पत्नी बताते हुए थाने में पंप कर्मियों के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी।
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Sun, 11 Jan 2026 06:29 PM IST
मोबाइल कमेंट, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Fri, 21 Nov 2025 10:20 PM IST
बीजापुर में कांग्रेस नेता विमल सुराना ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में बड़े बदलाव कर गरीबों के काम करने और मजदूरी पाने के अधिकार को छीनने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को काम की कानूनी गारंटी थी और मांग करने पर 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य था। लेकिन अब यह अधिकार समाप्त हो गया है और सरकार की मर्जी से काम मिलेगा।
विस्तारFollow Usजिले के जहाजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बोरानी गांव के समीप निर्माणाधीन पेट्रोल पंप को लेकर शुक्रवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों में लाठी-भाटा जंग हो गई, जिसमें एक महिला सहित आठ लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हालात संभाले और घायलों को जहाजपुर के राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां सभी को प्राथमिक उपचार दिया गया।
पुराना इनाम,
डिस्काउंट लुहणू खेल मैदान का निरीक्षण करते उपायुक्त। स्रोत: डीपीआरओ
Chandauli News:चंदौली के इलिया थाना क्षेत्र के डेहरी खुर्द गांव में जमीन विवाद को लेकर किसान को गोली मारने की सनसनीखेज घटना के दूसरे दिन सोमवार को गांव में सन्नाटा पसरा रहा। तनावपूर्ण हालात को देखते हुए गांव में भारी पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई है।
मासिक सब्सक्राइब, सारMP:सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें 2018 में ट्रेन में महिला यात्री के सामने अशोभनीय व्यवहार और नशे में दुर्व्यवहार के आरोपों वाले एक न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी रद्द की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी के आचरण को घृणित और चौंकाने वाला बताया और कहा कि ऐसे मामलों में अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए था।







