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️बोनस कलेक्ट,चंडीगढ़। सांस के गंभीर मरीजों के इलाज में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए पीजीआई ने स्वदेशी हाई-फ्लो नेजल कैनुला सिस्टम ट्रूऑक्सी प्लस के लिए क्लैरिटी मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड, मोहाली के साथ ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी (टीओटी) समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह अत्याधुनिक मेडिकल डिवाइस पूरी तरह देश में विकसित की गई है और गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए किफायती, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाला विकल्प उपलब्ध कराएगी।
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:विजय पुंडीरUpdated Thu, 04 Dec 2025 05:51 PM IST
नया ईज़ी, विस्तारFollow Usबैतूल जिले में पुलिस ने अवैध ऑनलाइन बेटिंग और साइबर ठगी चलाने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए 9.84 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का बड़ा मामला पकड़ा है। जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क दुबई से संचालित होता था और भारत में इसके लिए स्थानीय एजेंट काम कर रहे थे।
विस्तारFollow Usगुरुवार को जिला मुख्यालय बीजापुर के हृदय स्थल जय स्तंभ में बस्तर के दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार मुकेश चंद्राकर को पत्रकारों एवं जनप्रतिनिधियों ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत पत्रकार की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक एवं अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने भीलवाड़ा जिले के एकदिवसीय प्रवास के दौरान सोमवार को प्रेस से बातचीत की। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को पूरी तरह सही प्रक्रिया बताया। तोगड़िया का कहना था कि लोकतंत्र की नींव एक शुद्ध और सही मतदाता सूची पर टिकी होती है और यदि यह प्रक्रिया ईमानदारी से की जाती है तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
कमाई रिवॉर्ड्स, भिवानी। पिछले तीन माह से जिले के करीब 45 हजार एकड़ खेतों में तबाही मचाने वाला बरसाती पानी अब जलघर के टैंकों में प्रदूषण का जहर घोलने लगा है। सिंचाई विभाग की अथक कोशिशों से जलभराव में डूबे गांवों के आबादी क्षेत्र से पानी की निकासी करा दी गई है लेकिन बवानीखेड़ा और तोशाम क्षेत्र के कुछ गांव अभी भी बरसाती जलभराव की मार झेल रहे हैं। जाटूलुहारी, दांग खुर्द और रिवासा सहित प्रेमनगर व तिगड़ाना के खेतों में जमा बरसाती पानी किसानों के लिए नासूर बना हुआ है। कई महीनों तक ड्रेनों के जरिए पानी की निकासी कराई गई लेकिन अब बड़ी नहरों और डिस्ट्रीब्यूटरी नहरों में भी खेतों का सड़ चुका दूषित पानी छोड़ा जा रहा है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के जलघर टैंकों में प्रदूषण का जहर पहुंच रहा है। जिन गांवों के जलघर जलभराव के दौरान डूब गए थे उनके टैंक अब भी बदहाल पड़े हैं और सफाई के लिए अधिकारी बजट का इंतजार कर रहे हैं।
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