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इनाम ईज़ी
💢नया ट्रांसफर💢गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।
️नया लॉग इन,डूंगरपुर कलेक्ट्री में जबरन घुसने का प्रयास करती महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता्
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़Updated Tue, 13 Jan 2026 02:11 AM IST
गेट टास्क, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Mon, 24 Nov 2025 11:53 AM IST
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वरUpdated Thu, 08 Jan 2026 11:42 PM IST
Donald TrumpBharat RatnaUPIran UnrestIND vs NZNew ZealandJ&Kराज ने बताया क्यों उद्धव के साथ आए?दिल्ली-NCR में पड़ रही हाड़ कांपने वाली ठंडSchool Closed
वीडियो लॉग इन, छावनी के जीएमएन कॉलेज में रन फॉर स्वदेशी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कॉलेज
सुपर इंस्टेंट सारAjmer News:राजस्थान के अजमेर में मौजूद ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजवर्धन सिंह परमार ने दरगाह परिसर में शिवलिंग होने का दावा किया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी एलान किया है कि वह अजमेर जिला न्यायालय में याचिका दाखिल करके निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच की मांग करेंगे।
गोरखपुर ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:02 AM IST
पॉइंट्स साइन अप, पंजाब के गांवों और शहरों में घर के आंगन में दहकती लोहड़ी केवल लकड़ियों का अलाव नहीं है। यह उस सामाजिक चेतना का जीवंत प्रतीक है जिसमें वीरता, विद्रोह, किसान का संघर्ष और बुजुर्गों के प्रति सम्मान की लौ सदियों से जलती आ रही है।







