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️अतिरिक्त टास्क,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुरPublished by:बुरहानपुर ब्यूरोUpdated Fri, 22 Aug 2025 05:01 PM IST
सारइंदौर में दूषित पानी से 20 मौतों के मामले में कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सरकारी हत्या का आरोप लगाया है। महापौर के इस्तीफे, दोषियों पर गैर-इरादतन हत्या का केस और मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ मुआवजे की मांग की गई है। कांग्रेस ने 11 जनवरी को इंदौर में पैदल मार्च का ऐलान किया है।
स्टूडेंट, विस्तारFollow Usआम आदमी पार्टी पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने दावा किया कि पंजाब पूरी तरह सुरक्षित है और कानून व्यवस्था पूरी तरह काबू में है। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून को अपने हाथों में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Fri, 09 Jan 2026 11:09 PM IST
।छत्तीसगढ़ भवन में उस समय राजनीति का एक दुर्लभ और सुखद दृश्य देखने को मिला, जब पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव से मिलने प्रदेश के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल पहुंचे इस मुलाकात के दौरान मंत्री अग्रवाल ने पूर्व उपमुख्यमंत्री के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया। वहीं, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने भी पैर छूकर राजनीतिक शिष्टाचार और संस्कारों का निर्वहन किया। यह दृश्य विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2023 के विधानसभा चुनावों में यही दोनों नेता एक-दूसरे के आमने-सामने थे। राजेश अग्रवाल ने टीएस सिंह देव को हराकर पहली बार विधायक और मंत्री बनने का गौरव प्राप्त किया था। ऐसे में, चुनाव की तल्खी के बीच इस तरह की मुलाकात और सम्मानजनक व्यवहार ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा बटोरी है।
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अर्न क्लिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Tue, 07 Oct 2025 06:27 PM IST
डायमंड साइन अप, अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच एजेंसी सीधे कार्रवाई नहीं कर सकेगी। पहले उच्च अधिकारी से स्वीकृति जरूरी होगी। मगर रंगे हाथ पैसे लेने वाले वाले मामलों में पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। हरियाणा सरकार ने अधिकारियों व कर्मचारियों से संबंधित भ्रष्टाचार के मामलों में जांच के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि यह फैसला उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां अधिकारी व कर्मचारी रंगे हाथ पकड़े जाएंगे।







