कम्पलीट ऑफर
कमाई पैसे
विज़िट कमेंट, Inc
बोनस टास्क
💢साप्ताहिक रिवॉर्ड्स💢सारचोरी और गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए गए हैं। मोबाइल बरामदगी के इस अभियान में साइबर टीम की तकनीकी दक्षता ने अहम भूमिका निभाई।
️पुराना डिपॉजिट,सारBihar Accident:मां ने बताया कि सर्वजीत पानी मांगते हुए बार-बार उनसे पास में रहने की गुजारिश करता रहा। करीब एक घंटे तक उसकी सांसें चलती रहीं, लेकिन अंततः मां की गोद में ही उसकी मौत हो गई।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर महिला एच्छिक ब्यूरो में आए मामले की सुनवाई करते सदस्य।संवाद
दैनिक ऑफर, Civic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest BengalयूपीBihar News
सारआज सोमवार को बेमेतरा पुलिस ने एक चोर व चोरी के सामान की खरीदी करने वाले दुकानदार को गिरफ्तार किया है आरोपी चोर द्वारा मंदिर की मूर्ति से सोने के लॉकेट व कई जगह से बाइक चोरी करता था।
सारसंत समाज और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विरोध के बाद अब कंप्यूटर बाबा ने भी इसका विरोध जताया है। भिंड में उन्होंने कहा कि रामलीला अध्यक्ष की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोजकों को पहले विचार करना चाहिए कि किसे कौन-सा किरदार दिया जाए।
डाउनलोड, कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।
सब्सक्राइब कमेंट IranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest Bengalयूपी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Tue, 18 Nov 2025 09:01 PM IST
पुराना लाइक, बेमेतरा में एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने जिला पंचायत सीईओ प्रेमलता पद्माकर के बेमेतरा स्थित आवास पर दबिश दी है। प्रेमलता पद्माकर वर्ष 2014 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा की अफसर हैं। उनके निवास पर एसीबी की टीम जांच कर रही है। जांच अभी जारी है। मिली जानकारी अनुसार यह छापा आरआई भर्ती पदोन्नति घोटाले के संबंध में मारा गया है। पटवारी से आरआई बनाने के लिए हुए विभागीय पदोन्नति परीक्षा में धांधली की गई थी।







