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💢प्लेटिनम साइन अप💢सारबिहार में लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए बांका जिले में कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया था।
️विशेष लाइक,नजीबाबाद में सीसीटीवी फुटेज में चोरी करती दिखीं महिलाएं। स्रोत-वीडियो
चंबा। न्यायालय में तलाक लेने के बाद एक महिला की ओर से गुजारा भत्ते और पत्नी होने के दावे को लेकर व्यक्ति के खिलाफ न्यायालय में याचिका लगाने का मामला सामने आया है। इस मामले में परिवार न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश प्रीति ठाकुर की अदालत ने महिला की याचिका खारिज करते हुए पुन: दावा न करने के आदेश जारी किए हैं। अदालत ने साफ किया कि तलाक के बाद महिला का पूर्व पति पर कोई अधिकार नहीं है।
विन ईज़ी, भाजपा पदाधिकारियों ने उच्चैन एसडीएम धारा मीणा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।- फोटो : अमर उजाला
सारभरतपुर के कुम्हेर थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस जांच में जुटी है।
विस्तारFollow Usराजनांदगांव जिले के छुरिया क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक नौ वर्षीय मासूम की ट्रैक्टर से गिरने के बाद पहिए के नीचे आने से मौत हो गई। घटना के बाद ट्रैक्टर चालक ने शव को छुपाने के लिए उसे खाद के गड्ढे में दफना दिया। परिजनों द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पुलिस की जांच में इस सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ। फिलहाल पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है और शव को बरामद कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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सिल्वर इंस्टेंट रविवार को सर्दी के इस सीजन में पहली बार छतरपुर शहर कोहरे की आगोश में समाया। सुबह करीब 9 बजे तक सड़कों पर घना कोहरा रहा, जिसके चलते वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी बीच छतरपुर पुलिस ने घने कोहरे के कारण संभावित दुर्घटनाओं और असुविधाओं से बचने के लिए, छतरपुर पुलिस अधीक्षक द्वारा वाहन चालकों और आम जनमानस की सुरक्षा हेतु एक विस्तृत एडवाइजरी भी जारी की।
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:38 PM IST
विज़िट क्लिक, प्रसवोत्तर रक्तस्राव मातृ मृत्यु का बड़ा कारण बनता जा रहा है। वर्ष 2024-25 के दौरान पंजाब में 8.46% महिलाओं को प्रसवोत्तर रक्तस्राव के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है। सूबे में प्रसवोत्तर रक्तस्राव के कारण मौतों का प्रतिशत राष्ट्रीय स्तर से कम है लेकिन फिर भी स्थिति चिंताजनक है।







