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💢गेट कम्पलीट💢आजमगढ़। दीवानी बार एसोसिएशन के चुनाव में सोमवार को गहमा-गहमी के बीच भारी मतदान हुआ। 2035 अधिवक्ताओं में से 1850 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हालांकि आचार संहिता के उल्लंघन के चलते पांच अधिवक्ताओं के मत निरस्त कर दिए गए, जिसके कारण अब 1845 मतों की ही गणना की जाएगी। इस प्रकार मतदान प्रतिशत करीब 91 प्रतिशत रहा।
️इनाम क्लिक,विस्तारFollow Usकार ओवरटेक करते समय टक्कर के बाद बाइक सवार युवकों में सिविल जज जूनियर डिवीजन की कोर्ट में तैनात क्लर्क राशिद हुसैन (38) की पीट- पीटकर हत्या कर दी। घटना के समय वह घर से मुरादाबाद रिश्तेदारी में जा रहे थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की।
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बानसूर और हाजीपुर के किलों की अनदेखी में हो रही दुर्दशा- फोटो : अमर उजाला
जिले के देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत अमाही ताल गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पति ने अपनी 26 वर्षीय गर्भवती पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। मृतका की पहचान रामकुंवर बाई उर्फ रानी के रूप में हुई है। आरोपी पति नन्नू आदिवासी वारदात के बाद फरार बताया जा रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाकर मामले की जांच शुरू कर दी।
डायमंड डाउनलोड, सारपकड़े गए आरोपियों की पहचान तरनतारन निवासी सुखराज सिंह और कर्मवीर के रूप में हुई है। उन्होंने स्वीकार किया कि यह वारदात उन्होंने विदेश में बैठे अपने आका और कुख्यात अपराधी प्रभ दासुवाल के निर्देश पर अंजाम दी।
ऑफर डिस्काउंट सारबालाघाट में नियमों का उल्लंघन कर निजी क्लिनिक चलाने वाली दो सरकारी डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की। डॉ. श्रद्धा बारमाटे और डॉ. स्वाति मेश्राम के क्लिनिकों पर छापा मारकर उन्हें सील किया गया। बिना पंजीकरण के संचालित इन क्लिनिकों से रिकॉर्ड जब्त हुए। दोनों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा गया।
अमरोहा। सुरक्षा के दावों में कोई अफसर पीछे नहीं है। एक से बढ़कर एक निर्देश जारी करके हर आम और खास को यह अहसास कराया जाता है कि चप्पे-चप्पे पर पुलिस आपकी निगरानी और हिफाजत के लिए मुस्तैद है। पुलिस की मुस्तैदी का सच रविवार को सरेराह न्यायिककर्मी राशिद हुसैन की कार से खींचकर हत्या करने से ही सामने आ गया। मृतक के भतीजे सलमान ने बताया था कि हमलावरों ने आधा घंटे तक खुली गुंडई की। वारदात के प्रत्यक्षदर्शी रहे आसपास के लोगों ने घटना के बाद ही सवाल उठाया था कि उस दौरान पुलिस की कोई गाड़ी या बाइक भी आसपास से नहीं गुजरी। मदद को आए लोगों की सूचना पर 10 मिनट बाद पुलिस पहुंची थी।
कम्पलीट फ्रेंड्स, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Tue, 28 Oct 2025 02:16 PM IST







