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डायमंड फ्रेंड्स
💢गोल्ड ट्रांसफर💢विस्तारFollow Usअखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर ने अपने चिकित्सा स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग में अब डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को हानिकारक एक्स-रे रेडिएशन से बचाने के लिए पोर्टेबल रेडिएशन बैरियर तैनात किए जाएंगे। संस्थान ने इसके लिए आधिकारिक निविदा जारी कर दी है।
️छोटा फ्रेंड्स,मुंगेर जिले में जमालपुर थाना क्षेत्र में एक आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है, जहां नाबालिग बच्चियों को अश्लील फिल्में दिखाने के बाद उनके परिवार के सदस्यों पर हमला किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
चरखी दादरी। ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन मजबूत इरादों, कड़ी मेहनत और स्पष्ट लक्ष्य के दम पर यह संभव है। गांव खेड़ी बूरा की प्रिया लाखवान हिमाचल प्रदेश में न्यायिक अधिकारी बनकर युवाओं के लिए मिसाल बनी हैं। वहीं गांव इमलोटा के पहलवान सुजीत कलकल ने अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया। गांव बलाली की कुश्ती खिलाड़ी नेहा सांगवान एशिया चैंपियनशिप और वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में पदक जीतकर लगातार आगे बढ़ रही हैं। इनके साथ ही गांव घिकाड़ा के बॉक्सर नवीन झाझडिया ने विश्व मुक्केबाजी कप में कांस्य पदक जीतकर साबित किया कि सीमित संसाधन भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। आज युवा दिवस पर जिले के ये युवा सबके लिए प्रेरणा हैं। इन सभी प्रतिभाओं का एक ही संदेश है कि लक्ष्य तय करें, तुलना से बचें और ईमानदारी से मेहनत करते रहें, सफलता जरूर मिलेगी।
कैश डिस्काउंट, बदायूं। मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे पर सोमवार को जिले के हिस्से में रन (स्पीड) ट्रायल किया गया। इस दौरान बिसौली क्षेत्र से चार गाड़ियों को एक्सप्रेस-वे पर उतारा गया। उन्हें 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, ट्रायल पूरी तरह सफल रहा, जिससे एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर भरोसा बढ़ा है।
मुख्यमंत्री कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में हुए शामिल- फोटो : अमर उजाला
राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।
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