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💢साप्ताहिक सर्वे💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुरPublished by:बुरहानपुर ब्यूरोUpdated Fri, 31 Oct 2025 09:20 AM IST
️विन इंस्टेंट,अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:विजय पुंडीरUpdated Sun, 28 Dec 2025 02:42 PM IST
ट्रांसफर, छतरपुर मोबाइल की स्क्रीन टूटने पर कक्षा 10वीं में पढ़ने वाले 17 साल के नाबालिग द्वारा जहर खाने का मामला सामने आया है। परिजन गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर आए, जहां उसका इलाज चल रहा है। उसे मेडिसन वार्ड में भर्ती कराया गया तो वहीं उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
सारPurnea News: सांसद पप्पू यादव ने बिहार में बढ़ते अपराध और पूर्णिया गैंगरेप पर नीतीश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने शराब व नशे को अपराध की जड़ बताते हुए दोषियों को स्पीडी ट्रायल के जरिए फांसी देने की मांग की और लालू परिवार पर कानूनी कार्रवाई को राजनीतिक भेदभाव करार दिया।
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली/बदायूंPublished by:मुकेश कुमारUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:44 AM IST
पुराना कम्पलीट, विस्तारFollow Usभरतपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बढ़ते दबाव से नाराज बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। देर शाम दर्जनों बीएलओ कलेक्ट्रेट पहुंचे और एसआईआर कार्य के अत्यधिक लोड तथा अधिकारियों के कथित तानाशाही व्यवहार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याएं बताईं।
दैनिक गेम सारजिस स्थान पर घटना हुई वहां सीसीटीवी नहीं है, हालांकि आसपास के फुटेज जांचे जा रहे हैं। जेल प्रशासन के अनुसार कैदी का व्यवहार अच्छा था और वह बाहरी सफाई दल का हिस्सा था।
साप्ताहिक इनाम, बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री बनते ही विभागीय सिस्टम को सुधारने मेंभ्रष्टाचार की जमीन खोदने लगे। लिहाजा भ्रष्ट अधिकारी और भूमाफियाओं के बीच हड़कंप मच गया। लेकिन इसके बाद भी समस्तीपुर में भू माफियाओं के द्वारा रिटायर्ड फौजी को फर्जी तरीके से कागजों में मृत घोषित कर उनकी जमीन हड़पने की कोशिश करने का मामला सामने आया। यहां तक कि वह सीमा पर दुश्मन देश से लड़ने वाला फौजी अपने ही प्रदेश में सीने पर “साहेब मैं जिंदा हूँ”लिखी तख्ती लगाकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पर मजबूर हो गया। अब ऐसा ही मामला भागलपुर से सामने आया है, जहां भू-माफियाओं ने करीब 9 साल पहले मर चुकी एक महिला को सरकारी दस्तावेजों में 'जिंदा' कर दिया और फिर फर्जी शपथपत्र के जरिए जमीन का दाखिल-खारिज भी करा लिया। मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी हैरान हो रहे हैं।







