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💢इंस्टेंट वीडियो💢धूप निकलने के बाद सड़क पर बढ़ा आवागमन का दबाव। संवाद
️ईज़ी शेयर,बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में बार नवापारा क्षेत्र के ग्राम हरदी में मंगलवार सुबह चार हाथी, जिनमें एक शावक भी शामिल था, करीब 15 फीट गहरे कुएं में गिर गए। बताया जा रहा है कि अंधेरे और फिसलन भरे रास्ते के कारण यह हादसा हुआ। सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर धान देखने पहुंचे तो उन्हें कुएं से हाथियों की आवाज सुनाई दी। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी।
पीलीभीत-बरेली हाईवे पर रविवार रात सड़क हादसे में ऑटो चालक की जान चली गई। अनियंत्रित कार की टक्कर से ऑटो के परखच्चे उड़ गए। गंभीर रूप से घायल चालक को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ऑटो चालक की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया।
मेगा इनाम,
भाटापारा शहर और ग्रामीण क्षेत्र में अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका सबसे बड़ा कारण अवैध शराब कारोबार बनता जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भाटापारा और इसके आसपास के क्षेत्रों में लगभग 150 से अधिक लोग अवैध शराब के कारोबार में सक्रिय रूप से लिप्त हैं। इन अवैध शराब कोचियों और माफियाओं के कारण क्षेत्र में चोरी, झगड़े, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी तेजी से वृद्धि हो रही है।
बलिया। बिजली निगम की तरफ से लगने वाले स्मार्ट मीटर की गड़बड़ी को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी कम नहीं हो रही है। निगम की तरफ से चलाए जा रहे ओटीएस में 8 से 10 उपभोक्ता प्रतिदिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े हुए या गड़बड़ बिलिंग की परेशानी वाले आ रहे हैं।
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकीPublished by:ishwar ashishUpdated Sun, 11 Jan 2026 04:50 PM IST
इनवाइट,
साप्ताहिक स्टूडेंट विस्तारFollow Usजिम्मेदारी तो जट्टारी नगर पंचायत की है कि सभी रास्तों और गलियों में रात के समय प्रकाश रहे लेकिन नगर पंचायत ऐसा नहीं कर सकी। लिहाजा लोगों ने स्वयं से अपने-अपने घरों के बाहर बल्ब टांग रखे हैं ताकि रात के समय गली में रोशनी रहे और अंधेरे में गलियों में हादसे, घटनाओं से वह सुरक्षित रह सकें।
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकीPublished by:ishwar ashishUpdated Mon, 12 Jan 2026 08:39 PM IST
लॉग इन, जिले के घाटोल ब्लॉक में गुरुवार का दिन विधवा महिला देवु बाई के लिए उम्मीद और रोशनी लेकर आया। पिछले 14 साल से अंधेरे में जीवन गुजार रही देवु का घर आखिरकार बिजली की रोशनी से जगमगा उठा। पति की मौत के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी उठाने वाली 50 वर्षीय देवु की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वह साल 2011 के बाद बिजली का बिल नहीं चुका पाई और उसका कनेक्शन कट गया। तब से परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर था।







