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💢रजिस्टर💢विस्तारFollow Usकपसाड़ गांव में सुनीता की हत्या और बेटी रूबी के अपहरण के मामले में पकड़े पारस सोम को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। यहां उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस दौरान कचहरी में पुलिस बल तैनात रहा और लोगों की भीड़ रही।
️प्रीमियम कमेंट,विस्तारFollow Usबेमेतरा शहर के मुक्तिधाम में अस्थियां चोरी होने का मामला सामने आया है। अंतिम संस्कार के बाद रात में घटना हुई,जिससे परिजनों में आक्रोश है। इसे लेकर आज रविवार को परिजनों ने सिटी कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई है। लोग इसे तांत्रिक क्रिया से जोड़कर देख रहे हैं। कोतवाली थाना पहुंची नंदनी ने बताया कि उनकी बेटी का 9 तारीख को सड़क हादसे में मौत हो गई थी। मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया था। लेकिन, परिवार के लोग आज जब मुक्तिधाम गए तो वहां अस्थियां नहीं थी। इसी प्रकार गजेन्द्र यादव ने बताया कि मुक्तिधाम में चिता देखने पहुंचे,तो अस्थियां गायब मिलीं।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:54 PM IST
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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी- फोटो : amar ujala
विस्तारFollow Usजिले के मंडली थाना क्षेत्र में सोमवार शाम भारतमाला हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसे में एक तेज रफ्तार ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर के तुरंत बाद ट्रेलर के अगले हिस्से में आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरा वाहन आग के गोले में तब्दील हो गया। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग दहशत में आ गए।
लाइक ऑनलाइन, विस्तारFollow Usबाराबंकी शहर के मुंशीगंज मोहल्ले में दुकान के पास बेसहारा व्यक्ति की तरह से सोने के बाद शातिर चोर ने कटर से शटर काट डाला और 18 लाख के मोबाइल उड़ा दिए। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हो गई। सुबह घटना की जानकारी होने पर पुलिस ने दुकान से जाने वाले हर रास्ते व मोहल्लों के करीब 80 कैमरे खंगाले तो दूसरे मोहल्ले में पेड़ों के बीच और जमीन में छिपाकर रखी गईं दोनों बोरियां में करीब 15 लाख रुपये कीमत के मोबाइल फोन मिल गए।
प्रीमियम ऐप विस्तारFollow Usप्रदेश के वागड़ क्षेत्र में अनेक प्राचीन स्थल हैं, जो श्रद्धा, संस्कृति और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन्हीं में से एक है मानगढ़ धाम, जिसे आदिवासी समाज अपनी आस्था और शौर्य का पावन प्रतीक मानता है। यह स्थान केवल धार्मिक भावना से ही नहीं, बल्कि आदिवासियों की अमर शहादत की स्मृतियों से भी भरा हुआ है।
विस्तारFollow Us1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
अल्ट्रा इंस्टेंट, मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:21 AM IST







