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💢वॉच वीडियो💢गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।
️पुराना सब्सक्राइब,प्रसव पीड़ा में सड़क पर तड़पती रही महिला, नवजात का आधा शरीर बाहर आया- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:36 PM IST
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डूंगरपुर/बांसवाड़ाPublished by:बांसवाड़ा ब्यूरोUpdated Mon, 29 Dec 2025 09:57 PM IST
कमेंट वॉच, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में एक छात्रा ने खुदकुशी करने की कोशिश की। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्लेटिनम ऑनलाइन
हैदरगढ़। स्थानीय सीएचसी पर ब्लड बैंक व आईसीयू स्थापित करने की जरूरत है। यह बात सोमवार को विशेषज्ञों की टीम के सीएचसी के निरीक्षण और संसाधनों की समीक्षा के दौरान सामने आई।
सर्वे डाउनलोड, USMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Polls







