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️मोबाइल,विस्तारFollow Usनक्सल प्रभावित बालाघाट जिले में पहली बार किसी महिला नक्सली ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। नक्सली गतिविधियों से चार दशक से अधिक समय से जूझ रहे इस जिले के लिए यह एक अहम घटना मानी जा रही है। 1992 के बाद यह पहली बार है कि किसी अन्य राज्य के नक्सली ने मध्य प्रदेश सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।
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सारपूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह एवं जिला कांग्रेस सरगुजा के जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने शनिवार को राजीव भवन अंबिकापुर में पत्रकार वार्ता करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया।
कम्पलीट डाउनलोड, मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 02:36 AM IST
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मध्य प्रदेश के बालाघाट जिला में शनिवार देर रात नक्सल मोर्चे पर बड़ा घटनाक्रम सामने आया। जिले के इतिहास में पहली बार एक साथ 10 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 77 लाख रुपये का इनामी नक्सली कबीर उर्फ महेंद्र भी शामिल है, जो कान्हा-भोरमदेव (केबी) डिवीजन का सक्रिय लीडर रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सभी नक्सलियों ने शनिवार रात करीब 10 बजे पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। इसके तुरंत बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस लाइन बालाघाट लाया गया, जहां फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है।
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