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💢डिपॉजिट गेम💢कोतमा निवासी पूजा जैन का एमपीपीएससी की परीक्षा में डीएसपी के पद पर चयन हुआ है। पूजा के पति श्रेयांश जैन वर्तमान में भोपाल में रेंजर के पद पर पदस्थ हैं और बीते वर्ष ही उनकी शादी हुई थी। वर्तमान में दोनों भोपाल में ही रह रहे हैं, इससे पहले भी पूजा का चयन एमपीपीएससी के जरिए जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर हुआ था, जहां भोपाल में वर्तमान में उनकी पदस्थापना है। जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर चयनित होने के बावजूद भी पूजा ने अपनी तैयारी बंद नहीं की और कार्य की व्यस्तता के बावजूद वह नियमित रूप से इसकी तैयारी करती रही।
️अतिरिक्त शेयर,सारनव्य राम मंदिर में रामलला के विराजमान होने के बाद से यह कट्टरपंथियों के निशाने पर है। पहले भी हमले की धमकियां मिल चुकी हैं। अब नमाज पढ़ने की कोशिश करने वाला कश्मीरी अबू शेख पकड़ा गया है।आगे पढ़ें पूरा मामला....
सारइस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अत्यंत विशेष है। 14 जनवरी को 11 वर्षों के बाद मकर संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी का महासंयोग बन रहा है। इससे पहले यह दुर्लभ योग वर्ष 2015 में बना था।
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Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालबीवी ने मरवा डाला पतिT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest Bengal
विस्तारFollow Usअमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
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क्लिक ईज़ी अमर उजाला नेटवर्क, भाटापाराPublished by:राहुल तिवारीUpdated Thu, 11 Dec 2025 08:36 PM IST
अमेठी सिटी। शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर परिश्रम, अनुशासन और नवाचार से पहचान बनाना आसान नहीं होता। इस कठिन राह पर चलते हुए अर्चना मौर्या ने संघर्ष को अपनी शक्ति बनाया और सफलता का मुकाम हासिल किया। वर्ष 2009 में सीतापुर में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के साथ उनका शैक्षिक सफर शुरू हुआ। वर्ष 2012 में जनपद अमेठी में स्थानांतरण के बाद उन्होंने बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया।
मेगा रिवॉर्ड्स, बांसवाड़ा के डूंगर गांव में निजी व्यापारी के यहां यूरिया की खेप उतारने पर विरोध जताते ग्रामीण।- फोटो : अमर उजाला







