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💢दैनिक डिस्काउंट💢जिले के मंडली थाना क्षेत्र में सोमवार शाम भारतमाला हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसे में एक तेज रफ्तार ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर के तुरंत बाद ट्रेलर के अगले हिस्से में आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरा वाहन आग के गोले में तब्दील हो गया। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग दहशत में आ गए।
️मेगा टास्क,बलरामपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में उपवास पर बैठे कांग्रेसी ।-संवाद
बागपत। शहर में यमुना और खत्ता मार्ग पर पाइपलाइन के लिए सड़क की दोबारा खोदाई करने पर लोगों ने हंगामा कर दिया। लोगों ने पाइपलाइन में पानी का रिसाव होने का आरोप लगाया। साथ ही मकानों की नींव में पानी जाने से गिरने का खतरा भी जताया।
डाउनलोड टास्क, अमर उजाला नेटवर्क, भाटापाराPublished by:राहुल तिवारीUpdated Tue, 02 Dec 2025 08:54 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ाPublished by:बांसवाड़ा ब्यूरोUpdated Fri, 07 Nov 2025 08:53 AM IST
India-US Tiesपीएम मोदी कार डिप्लोमेसीविवेकानंद यूथ अवॉर्डWest Bengal Politicsबैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलावदालमंडी में बुलडोजर एक्शनModi-Merz Meet LIVEIND vs NZUPWest Bengal Poll
राइफल और तमंचे के साथ पकड़े गए सगे भाई। संवाद- फोटो : संवाद
वेरिफाई टास्क, विस्तारFollow Usकरीब दो हफ्तों से हाड़ कंपाने वाली ठंड और घने कोहरे की चादर में लिपटे अलीगढ़ के लोगों के लिए 10 जनवरी की सुबह एक नई उम्मीद लेकर आई। 12 दिनों के लंबे इंतजार के बाद धूप निकलने पर लोगों को ठिठुरन से राहत मिली। 24 घंटे के अंदर न्यूनतम तापमान में 3.6 और अधिकतम में 6.2 डिग्री की वृद्धि हुई। यह राहत धूप खिलने और बर्फीली हवाओं की गति थमने के कारण मिली है। 11 जनवरी को भी सुबह से ही धूप खिली रही।
कूपन कूपन विस्तारFollow Usकोतमा निवासी पूजा जैन का एमपीपीएससी की परीक्षा में डीएसपी के पद पर चयन हुआ है। पूजा के पति श्रेयांश जैन वर्तमान में भोपाल में रेंजर के पद पर पदस्थ हैं और बीते वर्ष ही उनकी शादी हुई थी। वर्तमान में दोनों भोपाल में ही रह रहे हैं, इससे पहले भी पूजा का चयन एमपीपीएससी के जरिए जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर हुआ था, जहां भोपाल में वर्तमान में उनकी पदस्थापना है। जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर चयनित होने के बावजूद भी पूजा ने अपनी तैयारी बंद नहीं की और कार्य की व्यस्तता के बावजूद वह नियमित रूप से इसकी तैयारी करती रही।
विस्तारFollow Usकभी बंदूक थामने को मजबूर हुई सुनीता अब नई ज़िंदगी की शुरुआत कर रही है। मंगलवार को उसने तीन साल बाद अपने माता-पिता को गले लगाया तो आंखों से आंसू छलक पड़े, पर चेहरे पर सुकून की मुस्कान थी। यह भावुक मुलाकात बालाघाट पुलिस ने आयोजित कराई।
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