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💢विज़िट लाइक💢छबड़ा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी का नाराजगी पत्र वायरल- फोटो : अमर उजाला
️विज़िट,विस्तारFollow Usपैलानी थाना क्षेत्र के पचकौरी गांव में एक पिता ने अपने ही डेढ़ वर्षीय बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद, सबूत मिटाने के इरादे से आरोपी पिता ने मासूम के शव को यमुना नदी की बीच धारा में फेंक दिया। इस वारदात के बाद आरोपी पिता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। परिजनों के अनुसार, आरोपी पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है।
बहराइच। काठमांडू में तैनात नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के कांस्टेबल खेम बहादुर सोनार (38) की हत्या कर शव भारतीय सीमा क्षेत्र के जंगल में फेंके जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मोतीपुर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कांस्टेबल की पहचान उनके ससुर ने मौके पर पहुंचकर की।
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युवक और युवती का फाइल फोटो।- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Fri, 07 Nov 2025 12:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:25 PM IST
स्टूडेंट पॉइंट्स, आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।
वीआईपी ईज़ी सारसुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे तलाशी अभियान में खून से सने जूते, पिट्ठू बैग और खून के निशान मिले हैं, जिससे अनुमान है कि मुठभेड़ में कोई नक्सली घायल या मारा गया है।
बालोद जिले में नेशनल हाईवे पर पुटटू ढाबा के सामने खड़े एक युवक को बस ने ठोकर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान महेंद्र रावटे पिता बृजलाल रावटे, निवासी हटकेसर वार्ड, धमतरी के रूप में हुई है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
ऑफर कम्पलीट, विस्तारFollow Usजिले के मुंगावली, बहादुरपुर और आसपास के क्षेत्रों के 36 बंधक मजदूरों को महाराष्ट्र से मुक्त करा लिया गया है। स्थानीय पुलिस महाराष्ट्र पहुंचकर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इन सभी मजदूरों को वापस लेकर आई। ये मजदूर महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के बासी थाना क्षेत्र के गिरोली गांव में बंधक बनाए गए थे। वहां उन्हें न तो मजदूरी का भुगतान किया जा रहा था और न ही उन्हें अपने घर लौटने दिया जा रहा था। उन्हें अपने परिजनों से भी बात करने की अनुमति नहीं थी।







