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💢कैश💢हल्द्वानी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:27 PM IST
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औरैया। मार्च में क्षय रोग दिवस पर जिले को टीबी मुक्त बनाने की तैयारी की जा रही है। इसमें गांवों को टीबी मुक्त घोषित करने की तैयारी है। इसे देखते हुए जिले में बलगम की जांच में तेजी लाई गई है। एक माह में तीन हजार लोगों की जांच कराई गई है।
बड़ा लॉग इन, विस्तारFollow Usबालोतरा जिले के गिड़ा थाना पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए समुदाय विशेष की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सामाजिक वैमनस्य फैलाने के गंभीर मामले में चार माह से फरार चल रहे एक वांटेड हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
छबड़ा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी का नाराजगी पत्र वायरल- फोटो : अमर उजाला
भालूमाडा थाना क्षेत्र अंतर्गत कोतमा में पदस्थ न्यायाधीश के घर पर पथराव करने के साथ ही गाली गलौज और जान से मारने की धमकी का मामला सामने आया है, जिसकी शिकायत न्यायाधीश में भालूमाडा थाने में दर्ज कराई है। जिस पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की जांच प्रारंभ कर दी है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 224, 296, 324, 331 (6) 333. 351(3) भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।
रजिस्टर करके कमाएँ, मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:27 AM IST
कमाई सब्सक्राइब धरमघर (बागेश्वर)। ग्राम प्रधान संगठन की नव निर्वाचित कपकोट ब्लॉक इकाई का विरोध शुरू हो गया है। विकासखंड के ही प्रधानों के एक गुट ने कार्यकारिणी के गठन पर सवाल उठाए हैं। नई ब्लॉक कार्यकारिणी का जल्द गठन करने की बात कही है। विगत मंगलवार को कपकोट में ग्राम प्रधान संगठन की नई कार्यकारिणी चुनी गई थी। दुगनाकुरी, धरमघर क्षेत्र के ग्राम प्रधानों का कहना है कि कोरम पूरा नहीं होने के बाद भी गलत तरीके से कार्यकारिणी का गठन किया गया। कार्यक्रम में केवल 15-20 ही ग्राम प्रधान मौजूद थे। कई प्रधान प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्यकारिणी बनाई गई है जिसका विरोध करते हुए नई कार्यकारिणी जल्द बनाई जाएगी। विरोध करने वाले ग्राम प्रधानों में गोकुल सिंह, विपिन उपाध्याय, पुष्कर सिंह, नीमा राठौर, हरीश मेहता, राजेंद्र सिंह, गंगा सिंह, दीपा कोरंगा, नंदन सिंह, प्रेम राम, केदा सिंह, बबीता देवी आदि शामिल रहीं।
आज भी गांव-कस्बों के लोग सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं और जब कभी सरकारी इंजीनियर या ठेकेदार विकास का चोला ओढ़कर गांव पहुंचते हैं तो वहां भी लूट-खसोट का खेल शुरू हो जाता है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला बालोतरा जिले में सामने आया है, जहां ग्रामीणों का वर्षों का इंतजार एक रात की हेराफेरी में बदल गया।
बोनस, संवाद न्यूज एजेंसी, आगराUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:48 AM IST







